इशरत मामला: पांडे की याचिका पर सोमवार को सुनवाई

पांडे ने सात अगस्त को गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत और सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए दी गई याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी है। मुंबई की कॉलेज छात्रा इशरत और उनके तीन साथी प्राणेश गोपीनाथ पिल्लई, अमजद अली और जीशान जौहर 15 जून 2004 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। पुलिस ने उन्हें पाकिस्तानी आतंकवादी करार देते हुए कहा था कि ये मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए जम्मू एवं कश्मीर से आए थे।
पांडे ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ गुजरात उच्च न्यायालय की शरण ली थी, जिसने मंगलवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई की विशेष अदालत ने छह अगस्त को पांडे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए आशंका जाहिर की कि पांडे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। इशरत मुठभेड़ के दौरान पांडे अहमदाबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त और अपराध शाखा के प्रमुख थे।
शुरुआत में इस मामले की जांच गुजरात पुलिस ने की थी जिसने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दे दी थी। इशरत की मां शमीमा कौसर की याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय ने इस मामले को विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दिया था। इस बीच प्राणेश के पिता गोपीनाथ पिल्लई ने न्यायालय में इसकी जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपने की मांग की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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