तेलंगाना मसले पर ममता ने कांग्रेस को लताड़ा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पृथक तेलंगाना राज्य को मंजूरी देने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की बुधवार को आलोचना की और इसे 'विभाजनकारी राजनीति' करार दिया। ममता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे पूछा है कि आखिर इस निर्णय के पीछे क्या कारण हैं? ममता ने यहां राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूछा है कि यह निर्णय सही है या गलत।
तेलंगाना पर संप्रग के निर्णय ने उत्तरी बंगाल में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को तेज कर दिया है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने अपनी मांग के समर्थन में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है। इन सबके मद्देनजर ममता ने कहा कि मैं तेलंगाना के खिलाफ नहीं हूं, यह उनका विशेषाधिकार है। लेकिन अन्य राज्यों से भी यदि इसी तरह की मांग उठने लगे तो क्या होगा? क्या कांग्रेस इन सभी मांगों को मंजूरी देगी और देश को कई टुकड़ों में बांट देगी?

यह देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों पर जिम्मेदारी है, वही गैर-जिम्मेदाराना तरीके से व्यवहार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि आखिर यह निर्णय ऐसे वक्त में क्यों लिया गया, जब आम चुनाव होने वाले हैं? कांग्रेस ने पांच साल पहले अपने घोषणा-पत्र में कहा था कि वह पृथक तेलंगाना के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह निर्णय अभी क्यों लिया गया, जबकि चुनाव होने वाले हैं? सिर्फ इसलिए कि इससे कुछ अधिक सीटें मिल जाएंगी? ममता ने कहा कि मैं इस रवैये की आलोचना करती हूं और इस पर हैरान हूं। राजनीतिक उद्देश्य एवं आपसी झगड़ों के कारण संवैधानिक जवाबदेहियों को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए।












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