दिल्ली फिर शर्मसार, 4 साल की बच्ची का यौनशोषण

उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पीओसीएसओ) कानून, 2012 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कानून 18 साल से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और वेश्यावृत्ति के अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसे अपराध की गंभीरता के अनुसार वर्गीकृत किया गया है और कड़े दंड का प्रावधान किया गया है।
नेशनल कमीशन फॉर चाइल्ड राइट्स (एनसीपीसीआर) की पूर्व प्रमुख शांता सिन्हा ने कहा कि यह घटना बहुत शर्मनाक है। सिन्हा ने बताया कि यह सचमुच बहुत दुखद और शर्मनाक है कि देश में बच्चों का यौन शोषण और उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मैं अधिकारियों से उम्मीद करती हूं कि वे सारी प्रक्रियाएं पीओसीएसओ के तहत करेंगे और बच्ची की पहचान गोपनीय रखेंगे। अपराधी को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। (आईएएनएस)











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