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दिल में दर्द लिये राजनाथ सिंह मांग रहे मोदी के लिये अमेरिकी वीज़ा

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[नवीन निगम] अमेरिका के पांच दिवसीय दौरे पर भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह ने अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया और कहा कि नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीज़ा दिलाने के लिये वो हर संभव प्रयास करेंगे। इससे पहले उन्‍होंने कहा कि मोदी ही भाजपा के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार होंगे। यही नहीं दुनिया को यह भी साफ कर दिया कि वे खुद पीएम पद के उम्मीदवार नहीं हैं। दरअसल राजनाथ सिंह अपनी इस पीड़ा को बहुत दिनों से बंया करना चाहते थे, लेकिन उपयुक्त मंच उन्हें नहीं मिल रहा था।

अमेरिका में जब उनसे यह सवाल किया गया कि जब पार्टी के अध्यक्ष आप हैं तो आप प्रधानमंत्री के उम्मीदवार क्यों नहीं है, राजनाथ ने मौका अनुकूल देखा और बोल पड़े कि पार्टी का अध्यक्ष होने से ही कोई प्रधानमंत्री का नैसर्गिक उत्तराधिकारी नहीं हो जाता। दर्द उनका बाहर आ चुका था, दरअसल जब आप अपने फैसले कराने के लिए बाहर (संघ) से लोग बुलाएंगे तो वह सारे फैसले आपके अनुकूल नहीं करेंगे। राजनाथ जब पिछली बार अध्यक्ष बने थे तो वह संघ को पसंद नहीं आए थे। भाजपा के फैसले वह उस समय बिना संघ को बताए हुए भी ले लेते थे, लेकिन इस बार गेम प्लान बिगड़ गया, भाजपा में लगभग सभी आला नेताओं को पता है कि मोदी की कप्तानी में चुनाव तो लडऩा है लेकिन मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना लगभग न के बराबर है।

जब भाजपा का रथ 200 सीट के आसपास आकर रुक जाएगा तो बाहर से सहयोगियों की जरुरत पड़ेगी। यह सहयोगी होंगे ममता, जयललिता, मायावती, नवीन पटनायक, चंद्रबाबू नायडू और कुछ हद तक नीतीश कुमार। इनमें से जयललिता को छोड़कर कोई भी मोदी के नाम पर सरकार का साथ देने के लिए तैयार नहीं होगा क्योंकि इन सहयोगियों को भी अपने मतदाता खासतौर पर अल्पसंख्यकों को जवाब देना होगा। मोदी के नाम के हटते ही यह सहयोग को तैयार हो जाएंगे क्योंकि भाजपा का मोदी से उस समय तक काम निकल चुका होगा इसलिए मोदी की जगह किसी और नाम को आगे लाया जाएगा।

तब आगे होंगे राजनाथ

तब आगे होंगे राजनाथ

भाजपा में आडवाणी खेमा प्रसन्न नजर आने लगा है। इससे पहले राजनाथ को भी इस समस्या का आभास था कि आगे चलकर ऐसी कोई समस्या आई तो वह संघ को चूंकि इतनी तरजीह दे रहे है, इसलिए संघ उनका नाम आगे कर देगा।

पीएम उम्‍मदीवारी पर संघ

पीएम उम्‍मदीवारी पर संघ

लेकिन संघ ने जब दूसरे गुट को शांत रखने का फार्मूला तालाशा तो राजनाथ सिंह को समझ में आया कि अनचाहे उन्होंने अपना कितना नुकसान कर लिया है। जब कल उनसे प्रधानमंत्री की उम्मीदवीरी पर पूछा गया तो वह साफ कह बैठे की वह उम्मीदवार नहीं।

आडवाणी खेमे में खुशी

आडवाणी खेमे में खुशी

पिछले दिनों जब भाजपा के आला नोताओं का नागपुर दौरा हो रहा था, उस समय संघ ने सुषमा स्वराज का नाम आगे करके आडवाणी खेमे को खुश कर दिया था।

तब सुषमा बनेंगी पीएम

तब सुषमा बनेंगी पीएम

सूत्र बताते है कि यह तय है कि यदि चुनाव बाद मोदी के नाम पर कोई बड़ी अड़चन आई तो सुषमा का नाम आगे किया जाएगा।

होगा भाजपा को फायदा

होगा भाजपा को फायदा

राजनाथ के इस कदम से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा फायदा पहुंचने वाला है। जो जनता अभी तक भाजपा में गुटबाजी देख रही थी, वहीं अब टीम स्पिरिट देख रही है। अब टीम का हर सदस्‍य कप्‍तान मोदी के साथ है।

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English summary
BJP president Rajnath Singh sais that America can no longer drag its feet but grant visa to Gujarat Chief Minister Narendra Modi sooner. Here little bit pain is there inside Rajnath's heart.
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