सलमान खुर्शीद के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद आलम की मौत
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद आलम खान के निधन पर शनिवार को शोक जताया। खान मौजूदा विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के पिता और पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत जाकिर हुसैन के दामाद थे। खान का निधन 94 वर्ष की उम्र में हुआ। खुर्शीद के करीबी सूत्रों ने बताया कि सीने में दर्द की शिकायक के बाद खान को पांच-छह दिन पहले एस्कॉर्ट हार्ट हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के हृदय विज्ञान विभाग के कार्यकारी निदेशक डॉ टीएस क्लेर ने बताया कि खान को बुखार और सीने में संक्रमण की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था
उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से एओर्टिक स्टेनोसिस (एएस) की गंभीर समस्या थी जो हृदय के वाल्व से जुड़ी होती है। उन्होंने तड़के तीन बजे अंतिम सांस ली। उन्होंने कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ विदेश मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थी। वह राज्यपाल भी रहे। मनमोहन सिंह ने कहा कि खुर्शीद आलम खान के निधन से देश ने एक सच्चा सपूत और सेवक खो दिया है। खान ने जीवनर्पयत देश की सेवा की, जिससे हमारा देश लाभान्वित हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की विदेश नीति, शिक्षा व्यवस्था तथा विधायी मामलों में उनके नेतृत्व ने देश की आधुनिक, उदार एवं लोकतांत्रिक नीति को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के प्रति खान की प्रतिबद्धता हमारे संविधान के मूल्यों और हमारे स्वाधीनता सेनानियों की भारत की कल्पना से प्रेरित थी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री, सांसद एवं शिक्षाविद के रूप में खान के कार्य हमारे लिए विरासत की तरह हैं, जिनसे आगामी पीढ़ियों को सीख लेनी चाहिए।"
मालूम हो कि फर्रुखाबाद के पितौरा गांव में जन्मे खान ने 1984 से 1989 के बीच लोकसभा में फर्रुखाबाद का प्रतिनिधित्व किया था। पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के दामाद खुर्शीद आलम गोवा और कर्नाटक के राज्यपाल भी रहे। केंद्रीय मंत्री के तौर पर उन्होंने शिक्षा, कपड़ा, पर्यटन, परिवहन और विदेश मंत्रालय का पदभार संभाला था।












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