तमिलनाडु पहुंचा मिड डे मील का कहर, 102 स्कूली लड़कियां बीमार
नवेली। बिहार के सारण जिले में मौत का तांड़व मचाने के बाद मिड डे मील तमिलनाडु पहुंच गया है। भगवान की लाख-लाख शुक्र है कि तमिलनाडु में अभी किसी के मौत की खबर नहीं है मगर 100 से भी ज्यादा स्कूली लड़कियां मिड डे मील से बीमार पड़ गई हैं। उन्हें इलाज के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां दर्जनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना तमिलनाडु के नेवेली जिले की है।
वहां के एनएलसी हाई स्कूल में मिड डे मील से लड़कियां बीमार हो गईं। लड़कियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं खबर ये भी आ रही है कि अमृतसर के एक स्कूल में भी मिड डे मील में कीड़े मिले हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने मिड डे मील के मेनू से पुरी सब्जी को हटा दिया है। राज्य शिक्षा विभाग का कहना है कि खराब गुणवत्ता के तेल के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए यह फैसला किया गया है।
मालूम हो कि बिहार के सारण जिले में मिड डे मील से अबतक 23 मौते हो चुकी हैं। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है, जिसने मिड-डे मील पकाया था। इसी क्रम में एक दुखद घटना दिल्ली में हुई है। जहां आयरन की गोली खाने से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ गए। हादसा दिल्ली के भारत नगर इलाके में हुआ। बच्चों को आयरन की गोलियां चाचा नेहरू योजना के तहत दी गई थी। बहरहाल, सरकारी योजनाओं की चपेट में आकर बीमार पड़ने वाले बच्चों की तादाद लगातार बढ़ती ही नजर आ रही है। मगर बिहार में मिड डे मील ने जो मिड डे 'मर्डर' किया है उससे पूरा देश शोक में है। तो आईए आपको तस्वीरों में दिखाते हैं बिहार में मिड डे मील का मिड डे 'मर्डर'।

हालत में अब धीरे-धीरे सुधार
बिहार के सारण जिले में मशरख प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में मध्याह्न् भोजन खाने से बीमार पड़ने वाले बच्चों की हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) प्रशासन के मुताबिक अगले तीन-चार दिन में सभी बच्चों को छुट्टी मिल सकती है।

बच्चे अब खतरे से बाहर
पीएमसीएच के अधीक्षक अमरकांत झा आजाद ने गुरुवार को बताया कि मंगलवार देर रात भर्ती कराए गए एक रसोइये और 24 बच्चों की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। सामान्य स्थिति में इन सभी को तीन-चार दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। चिकित्सक पीड़ित बच्चों पर 24 घंटे नजर रख रहे हैं।

गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी नई समिति
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम.एम.पल्लम राजू ने गुरुवार को कहा कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई समिति के गठन का फैसला किया है। राजू ने संवाददाताओं से कहा कि बिहार में जो कुछ हुआ वह बहुत दुखद है। हम सभी को 23 बच्चों की मौत से पीड़ा हुई और ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि ऐसा दोबारा न हो।

अब समय आ गया
मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस कार्यक्रम को और मजबूत किया जाए और बेहतर ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक नई समिति के गठन का फैसला किया गया है जो भोजन की गुणवत्ता के सभी पहलुओं पर निगरानी रखेगी। मंत्री ने कहा कि बिहार में इस घटना के लिए जो भी दोषी होंगे उन्हें सजा दी जाएगी।

सतर्कता और निगरानी समिति
मंत्री ने कहा कि मध्याह्न भोजन पर एक सतर्कता और निगरानी समिति है, जिसकी बैठक वर्ष में दो बार होती है। कोई भी गड़बड़ी मिलने पर यह राज्यों को सतर्क करती है। उन्होंने कहा कि समिति ने बिहार के कुछ जिलों में स्कूलों में खराब मध्याह्न भोजन के बारे में राज्य सरकार को आगाह किया था। जिन 12 जिलों के बारे में सरकार को चेतावनी जारी की गई थी उनमें सारण भी शामिल था।












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