500 साल से बर्फीले पहाड़ों में जमी थीं बच्‍चों की लाशें

ब्‍यूनोस एरेस। 500 साल पहले एक धार्मिक अनुष्‍ठान का आयोजन किया गया और उसके अंतर्गत दो लड़कियों और एक लड़के को अर्जेंटीना में एक बर्फीले पहाड़ में दफ्न कर दिया गया। 1999 में अर्जेंटीना के वैज्ञानिक जब माउंट लुलाइलाको पर पहुंचे तो चिली सीमा से करीब 300 मील की दूरी पर उस उस लड़के और लड़की के शव मिले।

शव को देख कर कोई नहीं कह सकता था, कि उनकी मौत 500 साल पहले हुई। रगों में खून अभी भी, त्‍वचा पर चमक और शरीर की हड्डियां आज भी उतनी ही ठोस, जितनी पांच सौ साल पहले। इतना पढ़ने के बाद आपको शायद यकीन नहीं हुआ होगा, लेकिन यह सच है और इसकी खोज अर्जेंटीना के वैज्ञानिकों ने की। वैज्ञानिकों के अनुसार ये ममी दुनिया की बेस्‍ट प्रिसर्वड ममी हैं, यानी सबसे सुराक्षित ढंग से रखी गई ममी हैं।

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खास बात यह है इन शवों पर मिस्र के पुरातन काल की तरह किसी रसायन का लेप आदि नहीं लगाया गया, बल्कि सीधे ले जाकर बर्फ की पहाड़ी में दफ्न कर दिया। इन शवों की स्थिति जो भी है, वो वहां के वातावरण के कारण है। वैज्ञानिक इन पहाड़ों पर ऐसे और भी शव खोज रहे हैं, जिन्‍हें दफनाया गया। वैज्ञानिकों को जब ये शव मिले तो उन्‍होंने इतिहासकारों से संपर्क किया, तब जाकर पता चला कि करीब 500 साल पहले धार्मिक अनुष्‍ठान के अंतर्गत लड़के-लड़कियों की इसी प्रकार बलि दी जाती थी।

सो रहे थे मौत के वक्‍त

सो रहे थे मौत के वक्‍त

वैज्ञानिकों के अनुसार जिस समय इन दोनों की मौत हुई होगी तब वो सो रहे होंगे। आज भी दोनों की तरफ देखें तो लगता है कि वो सो रहे हैं।

आज भी वैसे ही

आज भी वैसे ही

सोते-सोते इन बच्‍चों की मौत हुई होगी, यही कारण है कि उनके हाथ-पैरों की पोजीशन आज भी वैसे ही है। यहां तक बालों तक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

आंतरिक अंग आज भी, रक्‍त भी मौजूद

आंतरिक अंग आज भी, रक्‍त भी मौजूद

खास बात यह है कि आंतरिक अंग आज भी मौजूद हैं। यही नहीं रक्‍त जमा हुआ है, लेकिन आज भी लाल है।

 डीप फ्रीजिंग वातावरण में शव

डीप फ्रीजिंग वातावरण में शव

वैज्ञानिकों ने इन शवों को डीप फ्रीजिंग वातावरण में रखा है, ताकि उन्‍हें कोई नुकसान नहीं पहुंचे। शोध के लिये वैज्ञानिक काफी सावधानी बरतते हैं।

दोनों शव म्‍यूजियम में

दोनों शव म्‍यूजियम में

इस समय ये दोनों शव म्‍यूजियम में रखे हुए हैं। डीप फ्रीज शून्‍य से नीचे तापमान में, ताकि वही वातावरण उन्‍हें यहां भी मिले, जिसकी वजह से ये आज तक सड़े नहीं।

ये ममी नहीं

ये ममी नहीं

वैज्ञानिक इन्‍हें ममी नहीं मानते। वैज्ञानिकों का कहना है कि ममी वो होते हैं, जिन्‍हें किसी भी तापमान पर रासायनिक लेप लगाकर रखा जा सके।

दफन करने वाली चीजें भी

दफन करने वाली चीजें भी

इन शवों के आस-पास वो चीजें भी बरामद हुईं, जिनका इस्‍तेमाल कर 500 साल पहले इन बच्‍चों को दफन किया गया होगा।

अर्जटीना का वो पहाड़

अर्जटीना का वो पहाड़

यह अर्जटीना का वो पहाड़ है, जहां ये बच्‍चे पाये गये। यहां वैज्ञानिक अकसर खोज करने के लिये आते रहते हैं। एक पुरातत्‍व खोज के दौरान ही ये बच्‍चे मिले।

म्‍यूजियम में लाश

म्‍यूजियम में लाश

यह अर्जटीना के पहाड़ पर मिली। यहां वैज्ञानिक अकसर खोज करने के लिये आते रहते हैं। एक पुरातत्‍व खोज के दौरान ही ये बच्‍चे मिले।

जोहान रिनहार्ड ने की खोज

जोहान रिनहार्ड ने की खोज

यह दुनिया की सबसे ऊंचाई पर की गई पुरातात्‍विक खोज है, जिसे मानवशास्‍त्री जोहान रिनहार्ड ने किया।

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