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उत्‍तराखंड: दुआ करिये बारिश न हो, वरना बह जायेंगे 22 हजार लोग

By Ajay Mohan
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देहरादून। भारी बारिश, भूस्‍खलन और बाढ़ के बाद उत्‍तराखं में मची तबाही के बाद हजारों लोग लापता हो गये। सैंकड़ों पानी में बह गये और रेत में दफन हो गये। अभी भी करीब 22 हजार लोग पहाड़ी जंगलों में फंसे हुए हैं। फंसे हुए लोगों के लिये जिंदगी के खौफनाक पल और बढ़ गये हैं, क्‍योंकि उत्‍तराखंड के कई प्रभावित इलाकों में बारिश शुरू गई है, जिस वजह से रविवार की सुबह सेना के हेलीकॉप्‍टर उड़ नहीं पा रहे थे। अब मौसम साफ है और सेना के हेलीकॉप्‍टर लोगों की तलाश में निकल पड़े हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में इन इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, यानी जंगलों और पहाड़ों के बीच फंसे हुए लोगों के लिये संकट बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बारिश के कारण कई इलाकों में राहत कार्यों में बाधाएं पहुंचीं। रविवार को भी कमोवेश वैसा ही हाल बना हुआ है।

यदि भारी बारिश हुई तो जिन घाटियों में लोग फंसे हैं, वहां बाढ़ जैसा मंजर दोबारा दिखाई दे सकता है। यानी फंसे हुए 22 हजार लोगों में से सब वापस आ पायेंगे या नहीं, यह भी कहना मुश्किल है। अभी तक 70 हजार लोगों को सुरक्षित स्‍थानों तक पहुंचाया जा चुका है। बारिश के कारण फंसे हुए लोगों तक खाना पहुंचाना भी कठिन हो गया है। खास बात यह है कि लोग सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं।

दुआ करिये कि राहत कार्य पूरा होने तक तेज बारिश न हो अन्‍यथा 22 हजार लोग या तो पानी में बह जायेंगे, या पत्‍थरों के नीचे दब जायेंगे या फिर भूख-प्‍यास से मर जायेंगे।

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English summary
After a brief suspension due to bad weather, the rescue operations in Uttarakhand resumed today on a war footing to evacuate 22,000 pilgrims still stranded in high altitude areas. Met department warning of light to moderate rains in the region from Monday.
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