CAG शशिकांत शर्मा की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

ये लोग उनकी नियुक्ति को गलत उहरा रहे है। रक्षा सचिव रहे शशिकांत शर्मा को पिछले महीने ही सीएजी बनाया गया था। लेकिन जनहित याचिका में सवाल उठाए गए हैं कि शर्मा रक्षा सौदों में हुए घोटालों की निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे, जबकि वे खुद उन सौदों का हिस्सा रह चुके हैं। इन लोगों ने दलील ली है कि सरकार द्वारा नियुक्त किया गया अधिकारी जो सरकार की पसंद का हो वो सरकार के खिलाफ सही जांच कैसे कर सकते है। दलील में 1976 बैच के आईएसएस अफसर शशिकांत शर्मा की सीएजी के तौर पर नियुक्ति का विरोध किया गया है।
नए सीएजी शशिकांत शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका में उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि शशिकांत शर्मा रक्षा सचिव रह चुके हैं और सीएजी रक्षा सौदों के खाते की जांच करती है। रक्षा सचिव के तौर कर शशिकांत शर्मा इन सभी सौदों में शामिल थे। ऐसे में सवाल ये है कि सीएजी के पद पर रह कर वो इन सौदों की निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे।












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