सीबीआई का दुरुपयोग कर रही केंद्र सरकार
नई दिल्ली (ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को केंद्र की कठपुतली बताते हुए दावा किया है कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। इसके लिये जेटली ने गुजरात के इशरत जहां एंकाउंटर का मामला उठाया।
जेटली ने लिखा कि केंद्र राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिये सीबीआई का गलत इस्तेमाल करती है। इससे सीबीआई की प्रतिष्ठा पर भी गलत असर पड़ता है। जेटली ने इसे सिद्ध करने के लिये गुजरात के इशरत जहां एंकाउंटर का मामला उठाया और उसे विस्तार से बताया, कि कब क्या हुआ था। उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आईबी ने गुजरात पुलिस को अलर्ट किया था, जिसके बाद इशरत व उसके साथियों का एंकाउंटर किया गया। उस दौरान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबहा ने इशरत को अपने संगठन का सदस्य बताते हुए उसकी मौत पर शोकसभा आयोजित की। लेकिन जब आतंकी संगठन जमात-उद-दावा बना तो लश्कर ने इशरत के माता-पिता से माफी मांगी और कहा कि तब उन्होंने झूठ बोला था। इशरत उनके संगठन की नहीं है।

इस मामले पर जब गुजरात हाईकोर्ट में इशरत की मां ने पीआईएल दाखिल की तो भारत सरकार ने खुलकर अपना पक्ष रखा। लेकिन जब केंद्र ने इस मामले में लश्कर-ए-तैयबा का नाम आता देखा तो गुजरात हाईकोर्ट में दिये गये शपथपत्र को बदलने का निर्णय लिया। केंद्र ने शपथ पत्र लिखा कि जितने भी साक्ष्य इस मामले के संबंध में मिले हैं, उनमें राज्य सरकार और पुलिस को आगे आना चाहिये। केंद्र सरकार का इससे कोई ताल्लुक नहीं। केंद्र सरकार का पक्ष पूरी तरह राजनीति से प्रेरित था। तभी मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। यहीं पर कांग्रेस पार्टी ने सीबीआई के साथ मिलकर इस मामले को राजनीतिक हवा देना शुरू कर दिया।
सच पूछिए तो सीबीआई की विश्वस्नीयता को इससे काफी ठेस पहुंची। कई लोग बेल पर रिहा हो गये क्योंकि सीबीआई ने समय पर चार्जशीट नहीं दाखिल की। अब सीबीआई खुफिया एजेंसी आईबी के काम करने के तरीके का खुलासा करने की तैयारी में है। आईबी के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी है। यहां तक आईबी की विश्वास्नीयता पर भी सवाल उठाये जा सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो पड़ोसी देश पाकिस्तान और लश्कर भारत की हंसी उड़ाने में पीछे नहीं हटेगा। अरुण जेटली का ब्लॉग पोस्ट।












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