बीवी की वर्जिनिटी चेक करने के लिये की फॉरेंसिक जांच की मांग
क्वैत। पति-पत्नी के बीच शक की दीवार के कई कारण होते हैं, लेकिन ऐसा भी कारण हो सकता है, यह शायद ही कभी सुना होगा। क्वैत में एक आदमी ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिये तलाक देने का निर्णय कर लिया, क्योंकि उसे शक है कि पत्नी की वर्जिनिटी शादी के पहले ही भंग हो चुकी है। मजेदार बात यह है कि इन महोदय ने अपनी पत्नी की वर्जिनिटी चेक करने के लिये फॉरेंसिक जांच की मांग कर डाली।
जस्टिस सुल्तान मोहम्मद की अदालत में आये इस मामले में एक आदमी ने तलाक की अर्जी दी और उसमें लिखा कि वो अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिये तलाक देना चाहता है, क्योंकि वह हर रोज़ पांच वक्त की नमाज़ अदा नहीं करती। आगे आरोप लगाये कि उसके लक्षण अच्छे नहीं है, कैसे लोगों से बातचीत करनी चाहिये इस बात का भी सलीका नहीं है। और मुझे शक है कि इसका कौमार्य शादी के पहले ही भंग हो चुका है, लिहाजा मैं इसे तलाक देना चाहता हूं। पति ने कोर्ट से अपनी पत्नी का फॉरेंसिक टेस्ट कराये जाने की मांग की, ताकि पता चल सके कि वह वर्जिन है या नहीं। यदि ऐसा हुआ, तो वह यह शादी तोड़ देगा और उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर देगा। साथ ही उसने कोर्ट से मुआवजे की मांग भी की।
तलाकशुदा थी पत्नी
पति ने कोर्ट से कहा कि उसकी पत्नी पहले से ही तलाकशुदा थी। लेकिन शादी से पहले जब मैंने उससे पूछा कि क्या वह वर्जिन है, तो उसने हां में जवाब दिया और इसीलिये मैं शादी के लिये राजी हुआ था। लेकिन अगर यह वर्जिन नहीं है। मुझे शक है कि इसके किसी व्यक्ति के साथ यौन संबंध स्थापित हो चुके हैं। पति के वकील अब्दुलमोहसीन अल-कत्तान ने कोर्ट से कहा कि इस मामले की फॉरेंसिक जांच करवानी ही पड़ेगी क्योंकि लड़की लंबे समय तक शादी-शुदा जीवन व्यतीत कर चुकी थी, तब उसका तलाक हुआ। और अगर वो वर्जिन नहीं थी, तो उसने दूसरी शादी के वक्त यह दावा क्यों किया।
लेकिन जज सुल्तान ने दोनों पक्षों के वकीलों की बात मानने से इंकार कर दिया और तलाक की इस अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि यह महिला का अपमान है।












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