रेलवे घूसकांड: CBI डीआईजी ने सिंगला को दी थी छापेमारी की जानकारी

railway scam
नयी दिल्ली। सीबीआई पर केन्द्र सरकार के दबाव की बात सुप्रीम कोर्ट ने भी मानी। सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता करार देते हुए देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि सीबीआई को स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए ना कि सरकार और मंत्रियों के इशारों पर। सीबीआई पर सरकार और मंत्रियों का असर ही है कि अब सीबीआई के डीआईजी आरोपों के घेऱे में आ गए है।

चंडीगढ़ में तैनात सीबीआई के डीआईजी महेश अग्रवाल पर पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला के घर पर हुई छापेमारी की जानकारी लीक करने का आरोप लगा है। सीबीआई के डीआईजी इस इस करतूत का खुलासा किया चंडीगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने। जिन्होंने बताया कि डीआईजी महेश अग्रवाल ने ही छापेमारी की जानकारी लीक कर दी थी। जिसकी वजह से पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला ने सीबीआई टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही घूसकांड से जुड़े सारे जरूरी कागजात वहां से हटा दिए थे।

इतना ही नहीं बलबीर सिंह ने ये भी दावा किया है कि भ्रष्टाचार के एक मामले में डीआईजी महेश अग्रवाल ने जूनियर अधिकारियों को चंडीगढ़ के नगर निगम के एक अधिकारी का फेवर करने को कहा था। बलवीर ने खुलासा करते हुए बताया कि 10 करोड़ के रेलवे घूस कांड का जानकारी मिलने के बाद जब सीबीआई की टीम 3 अप्रेल को बंसल के भांजे और पूरे मामले के मुख्य आरोपी विजय सिंगला के घर पर छापेमारी के लिए पहुंची तो इससे पहले ही महेश अग्रवाल ने इसकी जानकारी लीक कर दी थी।

जिसकी वजह से सिंगला ने सारे जरुरी कागजात वहां से हटा दिए। बलवीर सिंह ने बताया कि मौंने इस बात की लिखित शिकायत भी की है। गौरतलब है कि रेलवे में प्रमोशन को लेकर पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे विजय सिंगला ने 10 करोड़ रुपए रिश्वत के तौर पर लिए थे। जिसका खुलासा होने के बाद रेलमंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ा था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+