कर्नाटक में कांग्रेस ने किया भाजपा का कत्ल, अब तोड़ेगी विधायक
बेंगलुरु। कर्नाटक के चुनाव के रुझान जो अब सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जरूर उभरेगी, लेकिन उसे बहुमत नहीं मिलेगा यानी 113 के जादुई आंकड़े को वो नहीं छू सकेगी। इसी दौरान एक हवा चली कि कांग्रेस येदियुरप्पा की केजेपी का हाथ थामेगी, लेकिन कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने वनइंडिया से बातचीत में कहा कि चाहे कुछ भ हो जाये, पार्टी येड्डी की गड्डी पर कतई नहीं चढ़ेगी।
अभी तक के रुझान के अनुसार कांग्रेस को 110 सीटें और केजेपी को 10 सीटें मिलती दिखाई दे रही है। जाहिर है कांग्रेस को किसी न किसी का साथ जरूर चाहिये होगा। ऐसे में तीन संभावनाएं बनती दिखाई दे रही हैं। पहली यह कि केजेपी का हाथ थामेगी, दूसरी जेडीएस का और तीसरी निर्दलीय उम्मदवारों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कांग्रेस करेगी।

पहले विकल्प को तो कांग्रेस ने खुद सिरे से खारिज कर दिया है। दूसरा विकल्प जेडीएस है। जेडीएस को निमंत्रण दिया जा सकता है, लेकिन वो इस निमंत्रण को स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि उसका चुनावी मुद्दा भ्रष्टाचार और विकास रहा। ऐसे में केंद्र में भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बना चुकी कांग्रेस का हाथ जेडीएस शायद ही थामेगी। तीसरा विकल्प निर्दलीय विधायक होंगे, यहां समस्या यह है कि अभी तक एक भी निर्दलीय उम्मीदवार रुझानों में आगे नहीं है। यानी यह विकल्प भी समाप्त।
इन तीनों विकल्पों के समाप्त होने के बाद अंतिम विकल्प खुलेगा, वो भी चुनाव के पूरे परिणाम आने के बाद। वो विकल्प है चुने गये विधायकों को तोड़ने का काम। इसमें कोई शक नहीं कि कांग्रेस परिणाम आने के बाद भाजपा या जेडीएस से विधायक तोड़ने के प्रयास जरूर करेगी और भाजपा से टूटने की पूरी संभावना है, क्योंकि पहले ही यहां पार्टी के अंदर विरोध की लहर दौड़ चुकी है।












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