अंतर-जातीय विवाह करने पर मिलेंगे 75 हजार रुपए

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह ऐलान करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि कई सारे लोगों ने अंतर-जातीय विवाह किये। मुझे लगता है कि इस अच्छे काम के लिये 25 हजार रुपए कम हैं, लिहाजा इसे बढ़ाकर अब 75 हजार रुपए कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस शृंखला में शामिल हों और यह सामाजिक न्याय की दृष्टि से भी अच्छा है।
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले चार सालो में राज्य में 1,113 जोड़ों ने अंतर-जातीय विवाह किया। 2012-13 में यह संख्या 277, 2011-12 में 204, 2010-11 में 300 और 2009-10 में 232। हिमाचल प्रदेश में यह योजना 1994 में लागू हुई थी।
सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग के निदेशक रामेश्वर शर्मा भी मौजूद थे। उन्हेंने मुलायम की हां में हां भरते हुए कहा कि यूपी सरकार राज्य में अनुसूचित जाति के लिये अवसर निकालने जा रही है, जो कुल 6,856,509 आबादी के 24.72 फीसदी हैं। यह एक अच्छी पहल होगी और इससे जातिवाद की वजह से पनपने वाली दूरियां कम होंगी। जातिवाद देश के लिये किसी अभिशाप से कम नहीं।












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