उत्तर प्रदेश बना भारत का ‘मोस्ट इम्प्रूव्ड स्टेट’

गौरतलब है कि तत्कालीन बसपा सरकार में एनआरएचएम में करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया था। एनआरएचएम योजना के अन्तर्गत 108 योजनाओं को शामिल करके स्वास्थ्य क्षेत्र को पुनर्जीवित किया गया है, जिसकी प्रशंसा लोगों द्वारा की जा रही है।
केरल में होने वाली वर्कशाप में केन्द्रीय श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खरगे एनएचआईएस में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर प्रदेश को ‘मोस्ट इम्प्रूव्ड स्टेट' के रूप में पुरस्कृत किया जाएगा। सूबे के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार राज्य सरकार के लिए यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे। श्री कुमार इस योजना के चीफ एक्जीक्यूटिव आफिसर भी हैं।
बाराबंकी की डी0एम0 मिनिस्टी एस0 को इस योजना के अन्तर्गत अपने जिले में समग्र कार्य की पहल करने के लिए भी पुरस्कृत किया जाएगा। यह गर्व की बात है कि यू0पी0आर0आई0एम0एस0 सैफई (इटावा) को भी गरीबों को अच्छे इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। यदि योजना के अन्तिम चरण से तुलना की जाए, तो 25 प्रतिशत से अधिक बी0पी0एल0 आबादी को इस बीमा योजना के अन्तर्गत आच्छादित किया गया है। उम्मीद है कि इस योजना का लाभ 53 लाख परिवारों को मिलेगा।
योजना के अन्तर्गत स्मार्ट कार्ड धारक परिवार एक वर्ष के लिए लोटर आधार पर 30 हजार रुपए के हेल्थ केयर कवर का हकदार है। इसके अन्तर्गत पूर्व निर्धारित 1090 बीमारियां पैकेजेज, जिनमें रोगी को इंडोर ट्रीटमेंट देय होगा, सम्मिलित हैं। इसमें रोगी को भोजन तथा अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर 100 रुपए प्रतिदिन का यातायात खर्च देय है। परन्तु इसकी सीमा अधिकतम 1000 रुपए प्रतिवर्ष निर्धारित है। इस योजना में देय वार्षिक प्रीमियम का 75 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाता है, जबकि बचे हुए 25 प्रतिशत का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। लाभार्थी को मात्र 30 रुपए का योगदान देना होता है, जबकि सरकार लगभग 470 रुपए प्रति परिवार की दर से भुगतान करती है।












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