नरेंद्र मोदी का सेक्युलरिज्म मंत्र- वन इंडिया एक्सिलेंट इंडिया
नई दिल्ली (ब्यूरो)। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद देश भर में धर्मनिर्पेक्षता यानी सेक्युलरिज्म के नये मंत्र इंडिया फर्स्ट की चर्चा चल रही है। आखिर क्यों न हो, मोदी का यह मंत्र है ही कुछ ऐसा। रविवार को अमेरिका और कनाडा के प्रवासी भारतीयों से मुखातिब हुए मोदी ने कहा, "मेरे लिये धर्मनिर्पेक्षता का मतलब एक भारत श्रेष्ठ भारत और पहले भारत (अंग्रेजी में फॉर मी सेक्युलरिज्म मीन्स वन इंडिया, एक्सिलेंट इंडिया एंड इंडिया फर्स्ट)।"
गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस संबोधन में मोनी ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा, "इंडिया फर्स्ट यानी हम जो कुछ भी करें वो भारत के लिये करें। भारत और उसके सम्मान को कभी नीचे नहीं होने दें, क्योंकि इससे देश की जनता के सपनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।" मोदी ने आगे कहा, "हमें भारत के हितों को किसी भी कीमत पर दरकिनार नहीं करना चाहिये।"
यह बनेगा भाजपा का सक्सेस मंत्र
मोदी ने धर्मनिर्पेक्षता की जो परिभाषा अप्रवासी भारतीयों के सामने रखी है, वो असल में सीधा प्रभाव यहीं पर रहने वाले भारतीयों पर डालेगी और सच पूछिए तो यही मंत्र भारतीय जनता पार्टी का सक्सेस मंत्र बन सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर बार चुनाव के दौरान तमाम मुस्लिम वोट सिर्फ इसलिये कट जाते हैं, क्योंकि भाजपा एक हिन्दूवादी पार्टी है।
हिन्दूवादी पार्टी और आरएसएस से सीधा जुड़ाव कहीं न कहीं मुस्लिम वोट को काट देता है। ऐसे में मोदी का यह मंतर अगर भाजपा अपना लेती है, तो कम से कम 25 फीसदी वोट तो कटने से बच ही सकते हैं। बाकी के 25 फीसदी वोट कटने से बचाने के लिये गुजरात ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में भी लोगों को बताना होगा। और अगर मुस्लिम वोटरों के 50 फसदी वोट भी जुटाने में भाजपा सफल हो गई, तो लोकसभा चुनाव 2014 में उसे सत्ता में आने से कोई नहीं रोक पायेगा।













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