महिला दिवस विशेष: हमला जो जिस्म और आत्मा को भी जला देता है
(अंकुर कुमार श्रीवास्तव)। वह ऊर्जा है, ऊष्मा है, प्रकृति है और पृथ्वी है। क्योंकि वहीं तो आधी दुनिया और पूरी स्त्री है।।
आज आठ मार्च है यानी कि देश की आधी आबादी का दिन, स्पष्ट शब्दों में कहें तो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस। महिलाओं की दशा और दिशा से जुड़े तमाम मसलों पर बात करने से पहले देश की हर महिला को महिला दिवस की शुभकामनाएं। आज चारो तरफ महिलाओं को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर बहस चल रही है। मगर इन सबके बीच एक ऐसा मुद्दा है जो रहा तो हाशिए पर है लेकिन कभी बदलाव के लिये सुर्खियों में नहीं आ सका है। जी हां हम बात कर रहे हैं महिलाओं पर तेजाब फेंके जाने का मुद्दा जो शायद ही कभी अखबारों या न्यूज चैनलों की हेडलाइन बनी हों।
अभी कुछ दिन पहले की बात करें तो चेन्नई में विनोदिनी ने दम तोड़ दिया। उसपर एक व्यक्ति ने बीते वर्ष नवबंर माह में तेजाब फेंक दिया था। तीन माह तक वो जख्मों से लड़ती रही और अंत में मौत ने जिंदगी पर विजय हासिल कर लिया। कुछ अखबारों और लोकल न्यूज चैनलों में खबरें छपी जरुर मगर कोई हल्ला नहीं हुआ। भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों में ऐसीड अटैक (तेजाबी हमला) बेहद गंभीर समस्या है। यह हमला सिर्फ महिला के चेहरे को ही खराब नहीं करता बल्कि उसकी आंखों की रोशनी छीन लेता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस हमले के बाद समाज उस पीडि़ता को दोयम दर्ज का नागरिक बना देता है। हो सकता है उसकी जान ना जाए मगर जिंदगी बेहद बोझिल और दर्दनाक होकर रह जाती है।

इस हमले के बाद जिस्म पर लगे घाव तो सबको दिखते हैं मगर पीडि़ता के ज़हन पर लगे घाव किसी को नजर नहीं आता। आत्मनिर्भर और जिंदादिली से भरपूर एक औरत देखते ही देखते असहाय, दूसरों पर आश्रित महिला बन जाती है। और हो भी क्यों ना? विकृत चेहरे से समझौता कर पाना आसान नहीं होता। इस पर कोई आधिकारिक आंकड़ें तो नहीं मिल पाए लेकिन भारत में भी पिछले एक दशक में तेजाब हमलों में वृद्धि हुई है। स्वयंसेवी संस्था एसिड सरवाइवल ट्रस्ट इंटरनेशनल ( एएसटीआई) के मुताबिक भारत में हर साल एसिड अटैक के करीब 500 मामले होते हैं। हालांकि इस जघन्य और नरकीय घटना के आधिकारिक आंकड़ें तो मौजूद नहीं है मगर भारत में पिछले एक दशक में तेजाबी हमलों में बढ़ोत्तरी हुई है।
स्वयंसेवी संस्था एसिड सरवाइवल ट्रस्ट इंटरनेशनल (एएसटीआई) के मुताबिक भारत में हर साल एसिड अटैक के करीब 500 मामले होते हैं। बीबीसी ने पिछले कुछ दिनों में तेजाबी हमलों की शिकार हुई महिलाओं से बात कर उनकी आप बीती जानने की कोशिश की। जितनी भी पीडि़ताओं से बात की गई सबने एक ही बात कही कि तेजाब से हुआ हमला जिस्म ही नहीं ज़हन को भी अंदर तक छलनी कर जाता है। एसिड सर्वाइवर्स ट्रस्ट इंटरनेशनल के अनुसार दुनिया के करीब 23 देशों में हाल के वर्षों में एसिड हमलों की घटनाएं हुईं। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों के भी नाम हैं। लेकिन ये इन देशों में दूसरी जगहों की अपेक्षा हमलों की संख्या बेहद कम है। महिलाओं पर एसिड हमलों की सबसे अधिक घटनाएँ भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश के अलावा कंबोडिया में दर्ज की गई हैं।
आमतौर पर इस हमले की शिकार महिलाएं होती हैं। या फिर ये कहें कि इस हमले की शिकार महिलाएं ही होती हैं तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। घरेलू हिंसा हो या फिर टूटा प्रेम संबंध हर मामले में गाज महिला पर ही गिरती है। कई मामलों में देखा जाता है कि दोषी जमानत पर रिहा हो जाते हैं और उनकी जिंदगी आगे बढ़ जाती है। जबकि पीड़ित की जिंदगी वहीं की वहीं थम कर रह जाती है। लेकिन इस सब के बावजूद भारत जैसे देशों में एसिड अटैक के मामले सुर्खियों से दूर और सरकारी निगाह से परे कहीं भटकते रहते हैं।
तेजाब हमलों की घटनाएं:
- नवंबर 2012- पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में बेटी पर तेजाब फेंका।
- मार्च 2012- इंग्लैंड में नस्लवादी हमले में एक काली महिला पर तेजाब फेंका।
- फरवरी 2012- इंग्लैंड में एक मॉडल पर उसके पूर्व बॉयफ्रेंड ने तेजाब फिंकवाया।
- 2007- कंबोडिया की 23 साल की विवियाना पर हमला। चेहरा, हाथ और छाती जली।
- 2004- ईरान में शादी के लिए मना करने पर 24 साल की अमेना पर लड़के ने तेजाब फेंका।
- फरवरी 2013- फरीदाबाद में छात्रा पर तेजाब फेंक देना
- दिसंबर 2012- लखनऊ में किशोरी पर तेजाबी हमला
- जून 2012- पाकिस्तान में दो महिलाओं पर तेजाब फेंका गया
तेजाबी हमलों को रोकने के लिए कानून
एसिड या तेजाब से हमला होने की सूरत में भारत में कोई सशक्त कानून नहीं है। यूं तो ऐसे अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 329, 322 और 325 के तहत दर्ज होते हैं। लेकिन इसके अलावा पीडि़तों के इलाज, पुनर्वास और काउंसलिंग के लिए भी सरकार की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि ऐसे हादसों में पीडि़त को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है। इन हादसों का मन-मस्तिष्क पर लंबे समय तक विपरीत प्रभाव बना रहता है।
लचर कानून व्यवस्था से बढ़ रहा है तेजाबी हमला
- दोषियों का छूट जाना।
- तेजाब की बिक्री में रेगोलूशन नहीं।
- पीड़ितों के इलाज की जिम्मेदारी किसकी।
- पीड़ितों के मनोवैज्ञानिक और आर्थिक पुनर्वास की समस्या।
आज शुरू हुई मुहिम
एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ एक मुहिम आज ही महिला दिवस के मौके पर शुरू हुई है। इस मुहिम के 13 सिपाहियों को वनइंडिया सलाम करता है। इस टीम के 13 सदस्य हैं-
1. समाज सेविका अर्चना कुमारी, जो एक तेजाबी हमले की पीडि़ता हैं!
2. आलोक दीक्षित, पत्रकार-समाज सेवक।
3. सपना भवनानी, जिन्हें आपने हाल ही में बिगबॉस में देखा।
4. असीम त्रिवेदी, जाने माने काटूर्निस्ट हैं।
5. मनीषा पांडे, दिल्ली की पत्रकार हैं।
6. अनुराग द्विवेदी, इंजीनियर हैं।
7. आशीष तिवारी, पत्रकार एवं कवि हैं।
8. मनीषा कुलश्रेष्ठ, हिन्दी लेखिका हैं।
9. आशीष शुक्ला, पत्रकार हैं।
10. नीतेष श्रीवास्तव, फिल्म मेकर एवं टेक्निक मास्टर हैं।
11. श्रेया मजुमदार, दिल्ली की पत्रकार हैं।
12. शमीम जकारिया, टीवी पत्रकार।
13. मनोरमा सिंह, वरिष्ठ पत्रकार हैं।
इन सभी ने मिलकर इंटरनेट पर एक वेबसाइट के माध्यम से मुहिम शुरू की है। वेबसाइट का नाम है http://www.stopacidattacks.org/।
-
मौत से हुआ सामना? दुबई से हैदराबाद लौटीं सानिया मिर्जा, आपबीती सुनाते हुए बयां किया दर्द -
US Iran War: ईरान के हमलों के आगे बेबस Trump, हटाना पड़ा 100 साल पुराना कानून, अमेरिका में तेल-गैस की किल्लत? -
Iran Vs America: ईरान के बाद अब चीन पर कहर बनकर टूटेंगे ट्रंप! अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप -
Parliament session: 'मोहब्बत हमसे, शादी मोदी से', राज्यसभा में बोले खड़गे, वायरल हुआ PM का रिएक्शन -
'वो मर्द शादीशुदा था, मैं उसके प्यार में पागल थी', फिर मिला ऐसा दर्द, 83 की उम्र में कुंवारी हैं ये एक्ट्रेस -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच लगातार गिर रहे सोने के भाव, अब 10 ग्राम की इतनी रह गई है कीमत, नए रेट -
UGC के नए नियमों पर आज फैसले की घड़ी! केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी सफाई -
Saudi Arabia Eid Ul Fitr 2026 : सऊदी अरब में 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद, भारत में कब दिखेगा चांद? -
Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट -
Silver Price Today: चांदी की कीमतें क्रैश! मार्च महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, कितना हुआ सिल्वर का रेट? -
Iran US War: 'खुद भी डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे', ट्रंप पर भड़के बक्शी, कहा- Trump ने जनता से झूठ बोला -
PNG Connection: गैस संकट के बीच सबसे बड़ी गुड न्यूज! सिर्फ 24 घंटे में खत्म होगी किल्लत, सरकार ने उठाया ये कदम












Click it and Unblock the Notifications