रेल बजट 2013: दैनिक रेल यात्रियों पर पड़ेगा भार
नई दिल्ली (वनइंडिया ब्यूरो)। यूपीए सरकार की नीतियां अगले तीन दिनों में खुद पर भारी पड़ने वाली हैं। शुरुआत होगी रेल बजट से, जिसमें यूपीए सरकार ट्रेनों के किराये को बढ़ा सकती है। ऐसा हुआ नहीं कि विपक्ष जोरदार हंगामा करेगा और लोकसभा की कार्यवाही में व्यवधान पहुंचेगा। जी हां ऐसा ही मंजर कल कुछ होने वाला है, जिसे देखने के साथ-साथ रेल किराया बढ़ने के लिये भी आप तैयार रहिये।
ऐसा इसलिये क्योंकि यूपीए सरकार ने खुद ही पिछले महीने डीजल की कीमतों के अधिकांश हिस्से को नियंत्रणमुक्त कर दिया। इसका प्रभाव सिर्फ पेट्रोल पंप पर मिलने वाले डीजल पर ही नहीं बल्कि रेलवे को दी जाने वाली डीजल सप्लाई पर भी पड़ा है, लिहाजा यात्री ट्रेनों का किराया बढ़ने के साथ-साथ माल भाड़ा भी बढ़ने की पूरी संभावना है।

हाल ही में रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा था कि अगर सुविधाएं चाहिये तो किराया तो बढ़ाना ही पड़ेगा। उनका यह बयान भी इस बात की पुष्टि करता है कि कल यात्रियों पर बड़ा बोझ गिरने वाला है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दैनिक यात्रियों के मासिक पास की कीमत में भारी इजाफा हो सकता है। साथ ही 80 किलोमीटर तक के दायरे में चलने वाली ईमू ट्रेनों के किराये में भी वृद्धि होगी।
हालांकि अगर राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो किराया बढ़ने की संभावनाओं से वो इंकार करते हैं। उनका मानना है कि किराया बढ़ाने से यूपीए के वोटबैंक पर असर पड़ सकता है।












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