बिहार विधानसभा घेराव के दौरान बल प्रयोग
पटना। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ 11 ट्रेड यूनियनों की ओर से आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद के आखिरी दिन गुरुवार को भी बिहार में इसका व्यापक असर देखा गया। श्रमिक संघों के नेता और वामदलों के समर्थक झंडे, बैनरों के साथ सुबह से ही सड़कों पर उतर गए। पटना के बेली रोड, वीरचंद पथ सहित कई सड़कों पर कब्जा जमा लिया गया और वाहनों को रोक दिया गया।
विधानसभा का घेराव करने जा रहे बंद समर्थकों के जत्थे को सचिवालय द्वार के निकट रोकने का प्रयास किया गया। इनमें अधिकतर महिलाएं थीं। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमृतराज ने बताया कि बंद समर्थक जबरन विधानसभा घेराव कर रहे थे, इसलिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। यहां पहले से ही महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

बंद समर्थकों के मुताबिक, पुलिस के लाठीचार्ज में दस लोग घायल हुए हैं। भागलपुर में भी बंद समर्थकों और दुकानदारों के बीच झड़प होने की सूचना मिली है। जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर बंद समर्थकों ने पटना-हटिया जनशताब्दी एक्सप्रेस को एक घंटे से अधिक समय तक रोके रखा और आरा एवं बेगूसराय में रेल एवं सड़क मार्ग तथा पूर्णिया, सीवान और मधुबनी में सड़क मार्ग जाम कर दिया।
बंद के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुई है, जिसके काण यात्रियो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में व्यपारिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं और सड़कें सूनी हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और अभी तक कहीं से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। बिहार की अन्य खबरें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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