फिलहाल 6 माह तक टल गई वीरप्पन के साथियों की फांसी
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन के चार साथियों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है और उनकी फांसी की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसा एक मामला सुप्रीम कोर्ट के दूसरी बेंच के सामने लंबित है इसलिये इस पर अगले आदेश तक रोक लगाई जाती है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह मामले को फिलहाल लंबित रख रही है क्योंकि दूसरी पीठ ने भी इस याचिका पर सुनवाई की है और उसने फैसले को सुरक्षित रखा है।
अल्तमस कबीर की पीठ ने कहा कि हमारे विचार में इस पर कार्यवाही तबतक स्थगित की जाती है जबतक दूसरी पीठ इस मामले में अपना फैसला नहीं सुना देती। पीठ ने कहा कि हम मामले को 6 महीने तक के लिये स्थगित करते हैं ताकि दूसरी पीठ दूसरे लंबित मामले में अपना फैसला सुना सके।

उल्लेखनीय है कि गणनप्रकाशम, सिमोन एंटोनियप्पा, मीसेकर मदैया तथा बिलावेंद्रन नाम के वीरप्पन के चार साथियों को 1993 में कर्नाटक के पोलार में बारूदी सुरंग के विस्फोट में 22 पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की मौत के सिलसिले में फांसी की सजा सुनाई गई थी। इन चारों ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि उनकी फांसी की सजा में बहुत देर की गई है। यदि अब उनको फांसी दी जाती है तो यह एक ही मामले में उन्हें दोहरी सजा दिया जाना होगा। वीरप्पन के ये चारों साथी इन दिनों कर्नाटक की बेलगाम जेल में बंद हैं।












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