• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

मंहगी हो सकती है इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवा

|

Internet services may be costlier in coming days
नई दिल्ली। हाल के दिनों में मंहगाई का ग्राफ इस कदर से उंचाई को छू रहा है कि लोग चाहते हुए भी इसकी मार से बच नहीं पा रहे है। कभी सरकार तेल और डीजल के दाम बढ़ी है तो कभी बिजली तो कभी रसोई गैस। उद्दोग जगत भी इस बढ़ती मंहगाई में समय-समय पर घी जालता रहा है। कभी मोबाइल कंपनियां कॉल रेट बढ़ाती है तो अब आशंका जताई जा रही है कि इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवा मंहगी होने वाली है। उद्योग निकाय आईएसपीएआई ने रविवार को इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं की दरें बढ़ने की संभावना जताई है।

उन्होंने कहा कि नए लाइसेंस प्रारूप के तहत दूरसंचार विभाग ने ऊंचे प्रवेश शुल्क का प्रस्ताव दिया है। दूरसंचार विभाग ने एक राष्ट्रीय स्तर के एकीकृत लाइसेंस के लिए 15 करोड़ रुपये एकमुश्त शुल्क वसूलने का प्रस्ताव दिया है। फिलहाल कंपनियां इंटरनेट सेवाओं के लिए 30 लाख रुपये चुकाती हैं। भारतीय इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ (आईएसपीएआई) के अध्यक्ष राजेश चारिया ने बताया, एकीकृत लाइसेंस व्यवस्था के लिए प्रस्तावित प्रारूप के मुताबिक, दूरसंचार विभाग ने कुछ नया नहीं किया है।

वे पुराने लाइसेंस प्रारूप को जारी रखते हुए नए राष्ट्रीय स्तर के एकीकृत लाइसेंस में 15 करोड़ रुपये शुल्क वसूलने जा रहे हैं। यदि इंटरनेट सेवा प्रदाता एकीकृत लाइसेंस का विकल्प चुनते हैं तो इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं की लागत बढ़ जाएगी।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Internet services may be costlier in coming days. according to industrial body ISPAI, telecom department has given proposal of Rs 15 crore for one time nationwide uniform license.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more