मंहगी हो सकती है इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवा

उन्होंने कहा कि नए लाइसेंस प्रारूप के तहत दूरसंचार विभाग ने ऊंचे प्रवेश शुल्क का प्रस्ताव दिया है। दूरसंचार विभाग ने एक राष्ट्रीय स्तर के एकीकृत लाइसेंस के लिए 15 करोड़ रुपये एकमुश्त शुल्क वसूलने का प्रस्ताव दिया है। फिलहाल कंपनियां इंटरनेट सेवाओं के लिए 30 लाख रुपये चुकाती हैं। भारतीय इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ (आईएसपीएआई) के अध्यक्ष राजेश चारिया ने बताया, एकीकृत लाइसेंस व्यवस्था के लिए प्रस्तावित प्रारूप के मुताबिक, दूरसंचार विभाग ने कुछ नया नहीं किया है।
वे पुराने लाइसेंस प्रारूप को जारी रखते हुए नए राष्ट्रीय स्तर के एकीकृत लाइसेंस में 15 करोड़ रुपये शुल्क वसूलने जा रहे हैं। यदि इंटरनेट सेवा प्रदाता एकीकृत लाइसेंस का विकल्प चुनते हैं तो इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं की लागत बढ़ जाएगी।












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