वाह अखिलेश जी! जिसने CMO को अगवा किया उसे मंत्री बना दिया
लखनऊ। बात हो रही थी कि अखिलेश की सरकार प्रदेश को नहीं चला पा रही है। पापा मुलायम सिंह ने बेटे अखिलेश को सख्त हिदायत दी थी कि मंत्रियों को काबू में रखें और उन्हें इमानदारी से काम करने की सीख दें। ऐसे में अखिलेश को लगा कि बार-बार सरकार पर उठ रहे सवालों का जवाब कैबिनेट की छवि सुधार कर दी जा सकती है। बस क्या था राज्यपाल से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया और कैबिनेट में 12 नये चेहरे शामिल कर लिये। मगर इस बार अखिलेश ने अपने मंत्रीमंडल को और दागदार करते हुए दागी विधायक को प्रमोट कर मंत्री बना दिया।
जी हां हम बात कर रहे हैं गोंडा से विधायक विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह की जिन्होंने आज राज्यमंत्री के तौर पर शपथ लिया है। बताते चलें कि विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह पर सीएमओ के किडनैपिंग का आरोप है। अखिलेश ने अपने मंत्रिमंडल के विस्तार में युवा चेहरों को तरजीह दी। अखिलेश ने जातिय और क्षेत्रिय संतुलन को भी बना कर रखा। जातीय संतुलन बनाए रखने के लिए तीन ब्राह्मण, दो क्षत्रिय, पांच पिछड़े वर्ग और एक वैश्य वर्ग के नुमाइंदों को जगह दी गयी है वहीं क्षेत्रीय संतुलन के हिसाब से पांच मंत्री पूर्वांचल से, पांच वेस्ट यूपी से और दो मध्य यूपी से हैं।

उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री और विजय कुमार मिश्रा को राज्यमंत्री (स्वंतत्र प्रभार) बनाया गया है, जबकि कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से विधायक मनोज पांडे और अमेठी से विधायक गायत्री प्रसाद प्रजापति को राज्यमंत्री बनाया गया है। इसके अतिरिक्त विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह, योगेश प्रताप सिंह, राम सकल गुर्जर, आलोक कुमार शाक्य, राम मूर्ति वर्मा, पवन पांडे और नितिन अग्रवाल को भी राज्यमंत्री के पद से नवाजा गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अखिलेश यादव सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में किसी महिला और मुस्लिम नेता को जगह नहीं मिली है। अखिलेश यादव सरकार में विस्तार से पहले 46 मंत्री थे। मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में 60 मंत्री रख सकते हैं।












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