कैश सब्सिडी के बाद अब गरीबों को भोजन का अधिकार!

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नयी दिल्ली। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की तारिखे नजदीक आ रही है जनता को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों में हलचलें भी बढ़ रही है। पहले कैश सब्सिडी स्कीम में मनमाफिक परिणाम नहीं मिलने के बाद यूपीए सरकार अब एक नयी योजना की तलाश कर रही है। लोगों को लुभाने के लिए कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने अब गरीबों को भोजन की गारंटी देने की योजना को हरी झंडी दिखा दी है। सोनिया गांधी के निर्देश के सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक में बदलाव करने का मन बना चुकी है।

सरकार ने स्थायी समिति की सिफारिशों का विरोध करते हुए इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने का फैसला किया है। सोनिया गांधी की सहमति के बाद कैबिनेट ने बजट सत्र में इस विधेयक को पेश करने से पहले इसके मौजूदा प्रावधानों को बदलने की कवायत शुरु कर दी है। सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है। खबर के मुताबिक संशोधन के बाद जब यह बिल संसद में पेश होगा तो उसमें अंत्योदय अन्न योजना के तहत हर परिवार को महीने में 35 किलो अनाज देने का प्रावधान शामिल किया जाएगा। साथ ही संशोधित खाद्य सुरक्षा विधेयक में 250 जिलों को गरीब घोषित कर 90 जनसंख्या को लाभ दिया जाएगा।

इस योजना के तहत समग्र बाल विकास योजना को भी शामिल किया जाएगा। स्थायी समिति की सिफारिशो के मुताबिक हर परिवार को 25 किलो अनाज का प्रावधान था, साथ ही सम्रग बाल विकास को भी इससे अलग रखा गया था। सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि सोनिया गांधी ने संबंधित मंत्रियों से कहा है कि अंत्योदय अन्न योजना में अधिकारों को कम नहीं किया जाएगा। सरकार इस बिल को सत्र के आखिरी हफ्ते में संसद में पेश करेंगी। लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार बिल को पास करवाना चाहती है। वही विपक्ष में बैठी बीजेपी ने साफ कर दिया है कि अगर में बिल में 35 किलो से कम के प्रावधान रहा तो वो इसका विरोध करेगी। माना जा रहा है कि खाद्य सुरक्षा बिल कांग्रेस अपने आखिरी चुनावी हथियार के तौर इस्तेमाल कर सकती है।

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