धर्मसंसद में संघ ने चलाए 'रामबाण'

वहीं इस धर्म संसद में बीजेपी और संघ का सबसे बड़ा मुद्दा 2014 की लोकसभा चुनाव के लिए पीएम उम्मीदवार का चुनाव है। संध और बीजेपी के इस संग सम्मेलन में नरेंद्र मोदी के नाम पर मंथन की संभावना बनती दिख रही है। महाकुंभ में संग के इस धर्म संसद में केन्द्र सरकार के खिलाफ बोलते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि न हिन्दु में हिंसा हैं और ना ही संघ में। वही राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने साफ किया कि राम मंदिर का निर्माण केवल संघ और बीजेपी के लिए मुद्दा नहीं बव्कि देश की असिम्ता का सवाल है। वीहिप की इस धर्मसंसद की कमान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने हाथ में लेते हुए केन्द्र सरकार पर सीधे-सीधे वार कर दिया।
संघ के इस संसद में सात हजार से ज्यादा साधु-संतों ने हिस्सा लिया। कल राजनाथ सिंह और आज संघ प्रमुख मोहन भागवत के धर्मसंसद में लिए बयान के बाद उनका ऐजेंडा आईने की तरह साफ हो गया है। कल साधु-संतों से आर्शीवाद लेने के बाद आज बीजेपी ने भी केन्द्र सरकार पर हमलावर रवैया अपना लिया है। खबर ये भी है कि महाकुंभ के इस महामंथन के बाद बीजेपी और आरएसएस अपनी जड़ों की ओर लौटने में जुट गए है। संघ और बीजेपी दोनों जानते है कि अपने मूल मुद्दे से भटक कर 2004 और 2009 के चुनावों में बीजेपी की न सीटें बढ़ीं न सहयोगी बढ़े। इसलिए पार्टी को अगर दुबारा से सत्ता में आना है तो उसे अपने मूल विचारधारा को फिर से गले लगाना ही होगा।












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