आजम का बयान: ताजमहल गिराने की बात होती तो मैं अगुवाई करता

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये आगरा में अलग से बढ़ावा देने हवाईअड्डा बनवाने और आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की थी। मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे आजम खां अपने संबोधन में कहा कि लेकिन वह उस भीड़ का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं जो 17 वीं शताब्दी में बनवाए गए ताजमहल को गिराने के लिए जा रही हो। आजम खां ने कहा कि बाबरी मस्जिद को जो लोग गिराने गये थे उन्हें बाबरी की जगह ताजमहल गिराना चाहिए था।
अपने इस संबोधन में आजम खां ने मायावती पर भी हमला बोला। उन्होंने मायावती की तुलना मुगल बादशाह शाहजंहा से कर दी और कहा कि दोनों ने ही बेमतलब में पत्थरों के निर्माण में जनता के मेहनत के पैसे को खर्च किया। इतना ही नहीं अभी कुछ दिन पूर्व मेरठ में एक कार्यक्रम के संबोधन में आजम खां ने कहा था कि माया के शासनकाल में ठीक उसी तरह से पत्थरों की मूर्ति बनाकर सरकारी खर्च किया गया जिस तरह से शाहजहां ने अपनी पत्नी की याद में ताजमहल तैयार किया था। आजम खां ने कहा कि शाहजहां के बेटे ने सरकारी खजाने को खत्म होता देख तख्ता पलट कर शाहजहां को बंदी बनाया था।
इसी तरह से बसपा सरकार का जनता ने तख्ता पलट किया है। मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आजम खां ने ‘पढ़े बेटियां...बढ़े बेटियां तथा हमारी बेटी उसका कल' योजना के तहत 828 बालिकाओं को तीस-तीस हजार रुपए की धनराशि के चैक वितरण किया था। इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए आजम खां ने कहा था कि मुझे नहीं पता कि इस लड़कियों का भविष्य क्या हैं या फिर वो बड़ी होकर क्या बनेंगी? मगर मैं दुआ करना चाहूंगा कि वो कुछ भी बनें पर 'मायावती' ना बनें।












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