दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद हम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट में एक याचिका में मांग की गयी है कि रेप पीडि़तों को मुआवजा देने के लिए क्रिमिनल इंजरी कंपनसेशन बोर्ड का गठन किया जाये साथ ही लोगों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार किया जाये। बस द्वारा मोटर वीइकल एक्ट के उल्लंघन में, बस का लाइसेंस कैंसल किया जाय। इस मामले पर तुरंत निर्णय लेते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और नेशनल कमीशन फॉर वीमेन को नोटिस भेज कर दो सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है।
अन्य याचिकाओं में मांग की गई है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोंकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये जाने चाहिए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में जीपीएस सिस्टम और सिक्युरिटी नंबर प्लेट लगे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशो ने कहा कि हम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि बस ड्राइवर और ऑटो ड्राइवर के तौर पर महिलाओं की नियुक्ति हो। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस को भी फटकार लगायी। गौरतलब है कि 16 दिसम्बर को दिल्ली की चलती बस में हुए गैंग रेप ने पूरे देश मे आक्रोश फैला दिया था, लोग अपराधियों को फांसी दिये जाने की अपील कर रहे हैं। इलाज के कुछ दिनों तक चलते रहने के बावजूद रेप पीडि़ता की मृत्यु हो गयी थी।












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