उत्तर प्रदेश में आरक्षण के विरोध में हड़ताल जारी कामकाज ठप

आज इन विरोध प्रदर्शनों में सचिवालय के कर्मचारी भी शामिल हो गये हैं। इसके पहले पिछले दो दिनों से लखनऊ के लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग और अन्य प्रमुख कार्यालयों में कामकाज नहीं हो पा रहा था। उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं। इस बिल के कारण कर्मचारियों में भी आपसी मतभेद हैं। प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ, कानपुर आदि शहरों में आज तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किये गये।
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा है कि यह विधेयक जनविरोधी है अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो उसे आने वाले लोकसभा चुनाव में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होने इस बिल को अव्यवहारिक और जनविरोधी बताया।
शैलेंद्र दुबे के अनुसार अब हमें कई और संगठनों का समर्थन मिलने लगा है, लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार ने इसे वापस न लिया तो आर पार की लड़ाई होगी।
इस बिल का समर्थन करने वाली आरक्षण बचाओ समिति का कहना है कि आंदोलनों से कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस समिति से जुड़ें लोगों ने कल शुक्रवार को चार घंटे अधिक काम किया।












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