• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

भाई-बहन बनाओ और बलात्‍कार व छेड़खानी बचाओ: खाप पंचायत

|

Uttar Pradesh
लखनऊ। अजीबो-गरीब फरमानों को लेकर अकसर विवादों में रहने वाले उत्‍तर प्रदेश की खाप पंचायत ने एक बार फिर ऐसा ही फरमान सुनाया है जिसे जानने के बाद आप भी चौंक जायेंगे। रेप और छेड़खानी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिये पश्चिम उत्‍तर प्रदेश में खापों ने एक नया फरमान जारी किया है। उत्‍तर प्रदेश के शामली जनपद के लिसाड़ गांव में आयोजित खाप पंचायत ने यह फैसला लिया है कि सार्वजानिक स्थानों पर लड़कियों से होने वाली बदतमीजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल व कॉलेज में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं के बीच भाई-बहनों के संबंधो को स्थापित करना होगा।

इस पंचायत में प्रत्‍येक गांव में 11 सदस्‍य समिति के गठन का फैसला लिया गया है जो प्रेम प्रसंग जैसे मामलों का गांव स्‍तर का निपटारा करेगी। इतना ही नहीं यह समिति गाव में रहने वाले युवक-युवती और स्कूल कालेज में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं के बीच भाई-बहन का रिश्ता कायम करने की पहल करेगी। खाप प्रतिनिधियों ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि शादी की न्यूनतम उम्र को 18 और 21 से घटाकर क्रमश: 15 और 18 साल कर देना

मालूम हो कि इससे पहले हरियाणा में बढते रेप के मामले पर खापों ने नया बयान देते हुए कहा कि राज्‍य में बलात्‍कार जैसे अपराध इसलिए बढ़ रहे हैं, क्‍योंकि लोग चाउमिन खा रहे हैं। इस कथन पर तर्क देते हुए उन्‍होंने कहा कि चाउमिन खाने पर युवकों का हार्मोंन बढ़ रहा है, जिसके कारण वह रेप करने के लिए उत्‍तेजित हो जाते हैं।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Khap Panchayat in Uttar Pradesh passes a bizaree logic. Khap Panchayat said that for prevent rape in state boy and girl lives like brother and sister.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X