कानून व्यवस्था सपा की घर की खेती नहीं: भाजपा

SP govt may withdraw case against Varun Gandhi
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाये गये लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा बोट की राजनीति के कारण दोषमुक्त किये जाने के प्रयास को कानून व्यवस्था का गला घोटना बताया है। भाजपा प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था को ध्वस्त किए जाने तथा कानून के राज को दर किनार कर प्रदेश में अराजकता के हालात पैदा करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता वाराणसी बम विस्फोट के मामले के आरोपियों का निर्दोष करार दिए जाने के प्रयास की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि यह जिन लोगों पर राष्ट्रद्रोह जैसे गम्भीर अभियोग है उन्हें छोड़ने का प्रयास आत्मघाती सिद्ध होगा।

श्री तिवारी ने कहा कि ऐसा निर्णय लेने से पहले सरकार प्रदेश की कानून व्यवस्था, आन्तरिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव तथा घटना में मृत व्यक्तियों के परिजनों की भावनाओं व सुरक्षा ऐजेंसियों के मनोबल पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के बारे में भी सोचना होगा, श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था सरकार की घर की खेती नहीं है तथा किसी भी सरकार को कानून व्यवस्था में मनमाना निर्णय लेने का हक नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा लगातार नोएडा भूमि आवंटन घोटाले के विवाद में जिससे सरकार को 1600 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा की जांच सीबीआई को सौंपने तथा 6 माह में जांच रिपोर्ट मांगना तथा दोनो अधिकारियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नियुक्ति न दिये जाने का निर्देश इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार का नेतृत्व सम्भाल रहे राजनैतिक नेतृत्व व प्रशासन की बागडोर सम्भालने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की गठजोड भ्रष्टाचार का कारण है। यही कारण है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज को सरकार अनसुना कर देती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अनेक अवसरों पर तथ्य सहित नोएडा भूमि घोटाला, चीनी मिल की बिक्री में किये गये घोटाले, खाद्यान घोटाला, बिजली घोटाला से लेकर अनेक घोटालों जिसमें जनता का धन भ्रष्ट राजनेताओं, अधिकारियों तथा व्यवसायियों के तिजोरियों में गया को भाजपा ने उजागर किया लेकिन किसी भी भ्रष्टाचार की शिकायत में खानापूर्ति के अतिरिक्त कोई भी निर्णायक कार्यवाही आजतक नहीं की गयी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि न्यायालय व राजनैतिक दलों के अलावा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी सपा सुप्रीमो से चुनाव के समय भ्रष्टाचार के खिलाफ बसपा सुप्रीमों पर कार्यवाही करने की घोषणा पर सवाल कर रहे है।

जिसे सपा सुप्रिमों ने‘रंग में भंग न डालो कह कर चुप करा दिया'राजेन्द्र तिवारी ने सपा सरकार पर आरोप लगाया कि राकेश बहादुर व संजीव सरन के अलावा वाराणसी में तैनात आयुक्त जिनके खिलाफ ट्रोनिका सिटी घोटाले की जांच लम्बित है ललित वर्मा, जिनके खिलाफ अपने जन्मतिथि में हेर फेर किये जाने का मामला लम्बित है महेश गुप्ता जिनके विरूद्ध आबकारी विभाग से अनेक मामले तथा सूचना निदेशक रहते नियुक्तियों में की गयी अनियमितता के आरोप लम्बित है। इसी तरह सदाकान्त, सच्चिदानन्द दूबे, दिनेश चन्द्र शुक्ला के धनलक्ष्मी, माजिद अली, वीएन गर्ग, जितेन्द्र कुमार आदि के विरूद्ध अनेक गम्भीर मामले लम्बित है लेकिन यह सब अधिकारी महत्वपूर्ण स्थानों पर कार्यकर रहे है।

भाजपा प्रवक्ता ने सपा सरकार के मुखिया से सवाल किया है कि क्या सरकार के पास बेदाग अधिकारियों का अभाव हो गया है कि अनेक गम्भीर आरोपों तथा जिनके खिलाफ सीबीआई जांचे चल रही हों उन्हें महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया? श्री तिवारी ने कहा किसी तरह प्रदेश में मंत्रिमण्डल में दो दर्जन से अधिक मंत्रियों के आपराधिक रिकार्ड है। क्या सपा मे बेदाग छवि के विधायकों का अभाव है? जिन्हें मन्त्री पद दिया जाता। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि सरकार ने आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को छोड़ने के प्रयास तथा कानून व्यवस्था के प्रति मनमानेपन को न छोड़ा तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत व निर्णायक कदम न उठाया तो भाजपा सदन से लेकर सड़क तक पूरी मजबूती के साथ इस मुद्दे को उठायेगी, श्री तिवारी ने यह भी कहा कि सपा सरकार को विधि द्वारा स्थापित अदालत के साथ-साथ जनता की अदालत में भी पेश होना पडेगा और यदि न्यायालय के निर्णय से सरकार की नींद न टूटी तो जनता की अदालत का फैसला अवश्य न्याय करेगा।

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