एक ही गोत्र और एक ही गांव में शादी अवैध: खाप पंचायत

पंचायत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि एक ही गोत्र और एक ही गांव में शादी को अवैध घोषित किया जाए। इसलिए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में संशोधन जरूरी है। खापों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि खाप पंचायतों का प्राचीन इतिहास रहा है और सरकार का यह कर्तव्य है कि वह हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन करे। खाप प्रतिनिधियों ने सामाजिक परंपराओं और रीति रिवाजों का हवाला भी दिया। साथ ही कहा कि आधुनिकता के नाम पर युवा पीढ़ी पथभ्रष्ट हो रही है और सामाजिक ताने-बाने को खराब कर रही है। सर्व खाप पंचायत का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांग के समर्थन में 5 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री और केंद्र कानून मंत्री को ज्ञापन सौंपेगा। इस दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा से भी मुलाकात की जाएगी। इस ज्ञापन की प्रति हरियाणा के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी भेजी जाएगी।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में चौरासी खाप के अध्यक्ष हरदीप अहलावत ने पंचायत में पारित प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत की यही मांग है कि हिंदू विवाह अधिनियम-1955 में संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के राज्यों की परंपराएं बाकी राज्यों से अलग हैं। इसलिए यह संशोधन किया जाना जरूरी है। धनखड़ खाप के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव से कन्या भ्रूण हत्या और ऑनर कीलिंग के मामलों पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कानून का सहारा लेकर पथभ्रष्ट हो रही है।
वहीं, गठवाला खाप के अध्यक्ष बलजीत मलिक ने कहा कि एक ही गोत्र, एक ही गांव और आसपास के गांवों में शादी को अवैध व अमान्य घोषित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि खापों को बेवजह ही बदनाम किया जा रहा है। आज तक किसी भी खाप पंचायत ने ऑनर कीलिंग नहीं करवाई है। खाप तो इस प्रकार के निर्णयों का विरोध करती हैं।












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