मां ने बेटे को 17 साल तक कमरे में बंद रखा

जब पड़ोसियों को इस बात की भनक लगी तब दरवाजा तोड़कर युवक को कैद से छुडाया गया। केशवमूर्ति को उसकी मां चौडम्मा ने इसलिए कैद कर रखा था, क्योंकि उसने मां के देवदासी बनने का विरोध किया था। उसकी मां अपने पति से अलग होने के बाद देवदासी बनना चाहती थी। 17 साल की कैद के दौरान उसकी मां खिड़की से उसको खाना दिया करती थी।
एक ही कमरे में काफी समय से बंद रहने के कारण केशवमूर्ति के दिमाग पर काफी गहरा असर पड़ा है। पड़ोसियों द्वारा उसको रिहा कराने के बाद चेकअप के लिए नैशलन इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ले जाया गया। चौडम्मा के दो पुत्र थे। पति के अलग होते समय उनके बीच करार हुआ था कि दोनों के पास एक-एक बेटा रहेगा। केशवमूर्ति ने बी कॉम की पढ़ाई की थी, इसलिए उनकी मां चाहती थी कि वह अपने भाई और पिता की मदद करे। लेकिन केशवमूर्ति को अपनी मां के देवदासी बनने पर एतराज था, इसलिए उसने उसको कैद कर दिया।












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