लोकसभा चुनाव में भी उमा भारती को गंगा का सहारा

अपने खोये जनाधार को पाने के लिए भाजपा हर संभव प्रयास कर रही है। विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को यहां लाकर पार्टी ने जीत की आस लगायी थी लेकिन निराशा ही हाथ लगी। उमा भारती तो चुनाव जीत गयीं लेकिन पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा।
अब लोकसभा चुनाव में एक बार फिर जोश से लबरेज उमा गंगा समग्र यात्रा के जरिए पार्टी के खोये जनाधार को वापस पाने की कवायद में जुटी है। पिछले दिनों बिहार से शुरू हुई उनकी यह यात्रा 9 अक्टूबर को यूपी में प्रवेश करेगी। इस संगठनात्मक चुनाव की गहमागहमी के बीच ही भाजपा में इस यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पिछले दिनों प्रदेश स्तरीय नेताओं की बैठक में इस बारे में भी गहन विचार विमर्श किया गया।
पार्टी सूत्रों की मानें तो यह यात्रा 9 अक्टूबर को बिहार के बक्सर जिले से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में प्रवेश करेगी। उमा की यात्रा उत्तर प्रदेश में उन सभी जिलों से गुजरेगी जहां से गंगा नदी गुजरती है। उमा की यात्रा 22 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर जिले के प्राचीन सिद्धस्थल शुक्रताल से उत्तराखंड में प्रवेश करेगी। इस दौरान जगह जगह जनसभाओं, गंगापूजन और स्वागत सभा का आयोजन किया जायेगा।
यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी पदाधिकारी और शीर्ष नेता जुटे हुए हैं इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा कि उमा की यात्रा को सफल बनाने के लिए पार्टी के नेताओं की ओर से कई कदम उठाए जाएंगे। वहीं संगठनात्मक चुनाव में बारे में उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर तक स्थानीय समितियों का चुनाव, 20 अक्टूबर तक मंडल अध्यक्षों का चुनाव और 30 अक्टूबर तक जिलाध्यक्षों का चुनाव होगा।












Click it and Unblock the Notifications