केंद्र को समर्थन दें या नहीं, 10 अक्टूबर को फैसला लेंगी मायावती

अब दस अक्टूबर को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम निर्णय होगा कि केन्द्र को समर्थन जारी रखना है या नहीं। मायावती के इस बयान से कांग्रेस व बसपा के बीच खटास बढ़ गयी।
शनिवार को मायावती ने एफडीआई की नीति लागू किये जाने पर केन्द्र सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को समर्थन देने वाले कई सहयोगी दल हैं, लेकिन बसपा ने नौ अक्टूबर को केन्द्र के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ रमाबाई अम्बेडकर मैदान में बीएसपी संकल्प महारैली आयोजित की है। इस दिन देश भर के बसपा पदाधिकारी जुटेंगे। इसी शाम को अगले दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी।
उन्होंने कहा कि जब शुरू में एफडीआई नीति का प्रस्ताव हुआ तो हमारी पार्टी ने जमकर इसका विरोध किया। यूपीए सरकार के फैसलों को जनविरोधी करार देते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने रसोई गैस और डीजल के दाम बढ़ाकर किसानों और गरीबों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे महंगाई ज्यादा बढ़ जायेगी और ऐसी स्थिति में इन वर्गो का जीवन यापन मुश्किल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक केन्द्र सरकार ने जो भी जनविरोधी फैसले किये हैं, हमारी पार्टी ने उसे काफी गंभीरता से लिया और समय समय पर इसका विरोध किया।












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