15 दिनों से बेटे के हत्यारे को खोज रहा है एक बाप

ज्ञात हो कि मनाल का शव 21 अगस्त को अंधरापुल रेल लाइन पर छत विछत अवस्था में पड़ा मिला था। पुलिस ने उसका मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं किया है। पुलिस इसे आत्म हत्या बता रही है।
बुधवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी ज्ञानेश बंसल वाराणसी पहुंचे और कहा कि उन्हें अपने बेटे मनाल बंसल की मौत पर संदेह है। उनका कहना था कि उनके बेटे की हत्या रैगिंग का विरोध करने के कारण की गयी और शव रेलवे लाइन किनारे फेंक दिया गया। ज्ञानेश ने लंका थाने में प्राथमिकी दी और बेटे की हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की लेकिन पुलिस ने उसे यह कहते हुए टरका दिया शव रेलवे लाइन पर मिला है अत: वह जीआरपी में जाकर शिकायत करे।
बेबस ज्ञानेश जीआरपी थाने पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी से मुलाकात कर बेटे की हत्या का खुलासा करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नही कि उसे समझा का थाने चलता किया। पुलिस की कार्रवाई से क्षुब्ध ज्ञानेश वरिष्ठï पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा लेकिन वहां भी उसे न्याय नही मिला। वह न्याय के लिए इधर-उधर भटक रहा लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नही।
मनाल के पिता का कहना है कि पुलिस हत्या के मामले को खुदकुशी बताने पर तुली है और पुलिस ने आत्म हत्या बताकर शव का परीक्षण भी करवा दिया है। अलीगढ़ जिले के निवासी ज्ञानेश का बेटा मनाल बंसल यहां हिन्दू विश्वविद्यालय के एमएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। उनका आरोप है कि रैङ्क्षगग के चलते उसके बेटे की हत्या कर शव रेल लाइन पर फेंका गया लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के दबाव में पुलिस मामले को दबा रही है।












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