कुंभ मेले का नहीं होगा सीधा प्रसारण

नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने कहा कि कुंभ के सीधा प्रसारण किये जाने का प्रस्ताव आया था लेकिन विचार के बाद इसे खारिज कर दिया गया। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव कुछ अखाडों की ओर से भी दिया गया था लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।
प्रवीर कुमार ने कहा कि सीधा प्रसारण का अधिकार मिलने के बाद चैनल मुनाफा कमाने के लिए क्या क्या दिखायेगा इस पर नियंत्रण करना मुश्किल होगा। ऐसे में लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
नगर विकास विभाग का कहना है कि प्रसारण का अधिकार देना कानूनी दृष्टि से भी उचित नहीं होगा क्योंकि कुंभ मेला प्रशासन की संपत्ति नही है। सरकार मेले में तीर्थ यात्रियों और साधु संतो की सेवा तो कर सकती है लेकिन मेले पर अधिकार नहीं जता सकती है।
कुंभ मेला अगले वर्ष जनवरी में शुरु होकर मार्च तक चलेगा जिसमें पांच मुख्य स्नान होंगे। मेले में देश विदेश से करीब पांच करोड लोगों के आने की संभावना है। ज्ञात हो कि मेले के आयोजन के लिये केन्द्र सरकार की ओर से एक हजार करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने मई में नगर विकास को पत्र लिखकर प्रसारण के अधिकार मामले में रिपोर्ट मांगी थी। महाकुंभ मेला ङ्क्षहन्दू समुदाय का हजारों साल पुराना पर्व है देश के शंकराचार्य. साधू -सन्यासियों के अखाड़े, उनके गृहस्थ भक्त और अन्य धाॢमक, सामाजिक संगठन इसके मुख्य आयोजक होते हैं।












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