कोयले की कालिख ने केजरीवाल और किरण बेदी को किया अलग

आपको बताते चलें कि रविवार को इंडिया अंगेस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की सड़कों पर अपना दम दिखाया। सरकार ने तो इस आंदोलन से कोई सबक नहीं लिया लेकिन इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की अलख जगाने वाले अन्ना के हौसले इस प्रदर्शन से बुलंद हैं। रालेगण सिद्धी में मौजूद अन्ना ने अपने ब्लॉग में लिखा आजादी की दूसरी लड़ाई में सफल होना है तो मार खाना पड़ेगा, लाठी खानी पड़ेगी। समय आ गया तो गोली भी खानी पड़ेगी। अब संपूर्ण परिवर्तन के लिए आजादी की दूसरी लड़ाई की शुरूआत हो गई है। उसका प्रदर्शन आंदोलनकारी युवकों ने किया है। इस प्रदर्शन से देश के युवकों को एक नई दिशा मिलेगी, नई प्रेरणा मिलेगी।
खैर केजरीवाल के इस घेराव में अन्ना उनके साथ नहीं थे मगर उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा था कि वो केजरीवाल के साथ खड़े हैं। हालांकि इस घेराव ने टीम अन्ना की दूसरी अहम सदस्य किरण बेदी को केजरीवाल से दूर कर दिया है। किरण बेदी का कहना है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन रातोंरात राजनीतिक विकल्प नहीं बन सकता, इस लिए पहले हमें एक मुख्य विपक्षी पार्टी के समर्थन की जरूरत है। लेकिन किरन के इस बयान को बीजेपी से उनकी करीबी की तरह देखा गया। लिहाजा देर शाम किरन ने सफाई में फिर एक ट्वीट किया। किरन ने ट्वीट किया, मैं सिर्फ सत्ता में शामिल पार्टी की ही जवाबदेही चाहती हूं। यही मांग मैं विपक्षी पार्टियों से भी करती हूं जिनके पास सरकार बनाने के लिए आंकड़े नहीं हैं।












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