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अमेरिका की मदद से पकड़े जायेंगे अफवाह फैलाने वाले

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India seeks US help to track offensive NE content
नई दिल्‍ली। भारत में फैली अफवाहों के बाद पूर्वोत्‍तर के लोगों के पलायन के बाद केंद्र सरकार अमेरिका से मदद मांग सकती है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स गूगल और फेसबुक ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्‍तान ने ही भारत में अफवाहों का खेल-खेला था। अफवाहों के कारण उत्‍तर भारतीयों का भारी संख्‍या में पलायन शुरू हो गया था। असम के लोग कर्नाटक, तमिलनाड़ और महाराष्‍ट्र से अपने गृहराज्‍य लौट रहे थे।

भारत ने सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 200 संदिग्‍ध वेबसाइटों की पहचान कर ली है, जिनमें से 100 को ब्‍लॉक कर दिया गया है, यह सभी वेबसाइट पाकिस्‍तान की हैं। सूत्रों के अनुसार भारत सरकार अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों से इस मामले के तह तक जाने के लिए मदद मांग सकती है। अमेरिकी मदद द्वारा यह पता लगाया जाएगा कि यह अफवाह कहां से और किसके द्वारा फैली। भारत सरकार अमेरिका से मदद चाहेगी कि अफवाहों से भरी तस्‍वीरें, वीडियो, एसएमएस पाकिस्‍तान में कहां से पोस्‍ट किये गये।

बड़े शहरों से लोगों के पलायन को देखते हुए सरकार ने कई वेबसाइटों को ब्‍लॉक कर दिया है। इन वेबसाइटों से हिंसा फैलाने वाले वीडियों और तस्‍वीरें भारी संख्‍या में अपलोड की जा रही थी। इन वेबसाइटों पर कार्रवाई के बाद सोशल साइटों फेसबुक, गूगल और ट्विटर सहित लगभग 80 इंटरनेट पेजों और कई एकाउंटों को बंद कर दिया गया है।

आपको बता दे कि ब्‍लॉक की गयी वेबसाइटों पर पूर्वोत्‍तर के लोगों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ प्रचार किया जा रहा था। उनके खिलाफ अफवाह फैलाई जा रही थी। ऐसा देश में दशहत फैलाने के मंसूबे से किया जा रहा था। सरकार ने सोशन नेटवर्किग साइटों पर पोस्‍ट किये गये फर्जी संदेशों की जांच का आदेश दे दिया है।

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English summary
The Indian government is planning to take the help of the United States in tracking the origins of offensive web content used to scare North-East people across India.
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