यूपी में 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त चिकित्सा

एनआरएचएम अब विद्यालयों में पढऩे वाले हाई स्कूल तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेने की तैयारी में है। मिशन ने आर्शीवाद नाम की एक योजना शुरू की है जिसके तहत दो वर्ष से 14 वर्ष तक की उम्र के बच्चों का पंजीकरण किया जाएगा। यह पंजीकरण स्कूल स्तर से शुरू होगा तथा ग्रामीण इलाकों में इसके लिए ग्राम पंचायत को योजना में शामिल किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में चलने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में स्कूल जाने वाले प्रत्येक छात्र का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण होगा ताकि यह पता चल सकेगा कि वह स्वस्थ्य हैं या नहीं। फिलहाल योजना राजधानी लखनऊ समेत कुछ ही जिलों में शुरू की गयी है लेकिन जल्द ही योजना प्रदेश के सभी जिलों में आरम्भ हो जाएगी।
सीएमओ लखनऊ डा. एसएनएस यादव के अनुसार योजना का प्रथम चरण शुरू होने वाला है जिसके लिए एक चिकित्सक व एक पैरा मेडिकल कर्मचारी को तैनात किया जाएगा। यह चिकित्सक अपने तय क्षेत्र के प्राइमरी से लेकर हाईस्कूल तक के सभी विद्यालयों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। यदि किसी बच्चे में किसी प्रकार की बीमारी की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी जाएगी।
सीएमओ के माध्यम से बीमार बच्चे को आवश्यकतानुसार दवाएं आदि मुहैया करायी जाएंगी। डा. यादव के अनुसार प्रथम चरण में योजना की सफलता के बाद ही दूसरा चरण शुरू होगा जिसमें निजी क्षेत्र के प्राइमरी व प्राथमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने विभाग द्वारा इस बात का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है कि हाईस्कूल से ऊपर के बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिले और उन्हें सरकार द्वारा चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी जाए।












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