लखनऊ में मायावती की मूर्ति का सिर फोड़ा, हाथ तोड़े

हमारे संवादादाता के मुताबिक गुरुवार दोपहर कुछ शरारती तत्वों ने गामतीनगर में अंबेडकर स्थल के पास स्थित सामाजिक परिवर्तन स्थल पर लगी मायावती की संगमरमर की मूर्ती का सिर फोड़ दिया। साथ ही उनके हाथ में टंगा पर्स तोड़ा और हथौड़ा छोड़ कर भाग निकले।
इस वारदात की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश नवनिर्माण संगठन ने ली है। मूर्ति का सिर कलम करने के बाद युवकों ने मूर्ति के पास एक पर्चा छोड़ दिया जिसमें लिखा है कि उन्होंने 15 मार्च 2012 को वादा किया था कि वो मायावती की इस मूर्ति को तोड़ देंगे और आज वो वादा पूरा कर दिया। फिलहाल चारों युवक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
इस मूर्ति का अनावरण 25 जुलाई 2009 को मायावती सरकार के तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने किया था।
मौके पर मिले पर्चे में जारीकर्ता का नाम जाहिद अली लिखा है। पर्चे में लिखा है कि मायावती ने प्रदेश की जनता का पैसा मूर्तियों में बर्बाद किया है और इसकी सजा उन्हें मिलनी चाहिये।
मौके पर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्या
इस घटना की जानकारी मिलते ही बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की। साथ ही अखिलेश सरकार को ललकारते हुए कहा कि अगर ठीक ऐसी ही मूर्ति दोबारा नहीं लगवायी गई, तो बसपा कार्यकर्ता पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे।
यूपी में हाई अलर्ट
मायावती की मूर्ति तोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है, ताकि कोई भी बसपाई दंगे फसाद नहीं कर सके।
मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड राम बचन के मुताबिक करीब एक बजे चार युवक स्थल पर घूमने आये और फोटो खींचने लगे। गार्ड ने फोटो लेने से मना किया तो उसे पीछे धकेल दिया और तुरंत बैग से एक बड़ा हथौड़ा निकाला और मायावती की मूर्ति का सिर फोड़ दिया और हाथ तोड़ दिया। तोड़ फोड़ कर वहां से फरार हो गये।












Click it and Unblock the Notifications