संसद भवन में मिलेगा अब पाकेट बंद खाना

बताया जा रहा है कि गृहमंत्रालय में आग की घटना के बाद सुरक्षा पर एक समिति का गठन किया गया था। जिसने महत्वपूर्ण इमारतों औऱ स्मारकों में सुरक्षा को लेकर गहन पड़ताल की। सुरक्षा समिति ने इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया है कि संसद में पहली मंजिल पर चल रही कैंटीन को तुरंत बंद किया जाए, क्योंकि कैंटीन में एक ही जगह ही 35 गैस सिलेंडर रखे गए हैं। यदि यहां आग लगी तो वे आग का गोला बनकर पूरे संसद भवन को तहस नहस कर देंगे।
गौरतलब है कि इस बात की सूचना लोकसभा के एक बुलेटिन में भी दी गई है। बुलेटिन में कहा गया है कि संसद सत्र के दौरान 8000 से अधिक लोगों को भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने वाली रसोई को आग के खतरों से संसद भवन की सुरक्षा के लिहाज से और दमकल विभाग की सलाह पर बंद कर दिया है। दमकल सेवा ने एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल बंद करने की सलाह दी है।
बताया जाता है कि रसोई अस्थायी तौर पर बंद रहेगी, वहीं संसद भवन की कैंटीन की व्यवस्था संभालने वाले रेलवे ने कहा है कि कैंटीन बंद करने की अवधि को लेकर अभी कोई निश्चित समयावधि तय नहीं है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रसोई बंद होने की स्थिति में सांसदों और मीडियाकर्मियों को संसद भवन एनेक्सी तथा पुस्तकालय की कैंटीन में पैकेट बंद भोजन दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने माना कि इन कैंटीनों द्वारा दिए गए भोजन की मात्रा संसद के मुख्य किचन में बनाए जाने वाले भोजन जैसी होना मुश्किल होगा। करीब 1000 लोगों को ही भोजन दिया जा सकता है। कॉफी बोर्ड और टी बोर्ड यथावत काम करेंगे।












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