दिल्ली में भी होगी एक दिन में प्रापर्टी की रजिस्ट्री

गुड़गांव के तहसील कार्यालय में प्लाट व जमीन की रजिस्ट्री करवाने वाले व्यक्तियों की सुविधा के लिए तीन काऊंटर खोल रखे हैं और खरीददार को उसी दिन सब-रजिस्ट्रार अर्थात तहसीलदार के हस्ताक्षर युक्त रजिस्ट्री मिल जाती है।
गुड़गांव के उपायुक्त पीसी मीणा ने इस संबंध में जब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उपायुक्त विकास आनंद को बताया तो वे इस प्रणाली से काफी प्रभावित हुए और कहा कि खरीददार को प्लाट अथवा जमीन की रजिस्ट्री उसी दिन उपलब्ध करवाना वास्तव में बहुत बड़ा काम है।
उन्होंने कहा कि हालांकि दिल्ली में आम जनता की सुविधा के लिए वहां की सरकार ने कई कदम उठा रखे हैं, लेकिन जिस दिन तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के कागजात जमा हों, उसी दिन रजिस्ट्री बनाकर दे देना अच्छी उपलब्धि है। इसके लिए गुडग़ांव जिला प्रशासन बधाई का पात्र है।
आनन्द ने गुडग़ांव के तहसील कार्यालय के अलावा ई-दिशा केन्द्र का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि यहां के प्रशासन ने जो भी अच्छे कदम आम जनता की सुविधा के लिए उठा रखे हैं, उन्हें वे अपने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में भी लागू करेंगे। इन सुविधाओं का अध्ययन करने के लिए ही वे आज यहां आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही दिल्ली के महरौली में सब-रजिस्ट्रार का कार्यालय खोला जाना है, जहां से इन नई सुविधाओं की शुरूआत की जाएगी।
आम जनता के लिए गुड़गांव में लागू प्रणाली का उल्लेख करते हुए आनन्द ने कहा कि यहां पर बायोमैट्रिक मशीन से अचल संपत्ति के खरीददार व विके्रता के अंगूठों के निशान लिए जाते हैं और रजिस्ट्री पर खरीददार तथा विक्रेता के अलावा खरीद-फरोख्त का पंजीकरण करने वाले सब-रजिस्ट्रार की फोटो भी दस्तावेज के पीछे प्रदर्शित की जाती है। ऐसा करने से अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
गुडग़ांव उपायुक्त कार्यालय, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय के विभिन्न कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनके माध्यम से उपायुक्त अपने चैम्बर में बैठकर एलसीडी स्क्रीन पर वहां हो रही गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। आनन्द ने इस निगरानी प्रणाली को भी देखा और इसकी प्रशंसा करते हुए यह प्रणाली अपने कार्यालय में अपनाने की मंशा भी जाहिर की।
इसके अलावा, गुड़गांव के तहसील कार्यालय में एफीडेविट पर आवेदक की फोटो प्रकाशित की जाती है, जिससे शपथ-पत्र बनवाने वाले व्यक्ति का रिकार्ड जिला प्रशासन के पास रहता है और इस प्रणाली से किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के शपथ-पत्र बनवाने की संभावनाएं नहीं रहती। इस प्रणाली को भी श्री आनन्द ने सराहा। मीणा ने आनन्द को बताया कि गुडग़ांव में सभी प्रकार के प्रमाण-पत्र जैसे कि जाति प्रमाण-पत्र, रिहायशी प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र आदि आम जनता को कम्प्यूटर से तैयार करके दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला में राजस्व रिकार्ड के कम्प्यूटरीकरण का कार्य प्रगति पर है।












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