विधायकों को ही दे रहा था धोखा

क्राइम ब्रांच उपायुक्त संजय जैन ने बताया कि कुछ सांसदों और विधायकों ने शिकायत की थी कि संजय तिवारी नाम का एक व्यक्ति अनुदान के नाम पर उससे पैसा मांग रहा है। वह अपने को मंत्री का पीए बताता है। इसके बारे में हमें कुछ संदेह है। उसके बाद पुलिस इस गहन जांच में लग गई। संजय जैन ने बताया कि जब जांच की गई तो एक पत्रकार हत्थे चढ़ा। उसका नाम संजय तिवारी (35) है। पुलिस ने संजय तिवारी को सहयोग करने वाले रतन दीप गुप्ता (29) को भी गिरफ्तार किया है। ये तिरंगा डॉट कॉम व उजाला न्यूज के नाम से साइट भी चलाते थे। उनके खिलाफ पहले ही जबरन वसूली तथा ब्लैकमेलिंग के सात मामले दर्ज हैं।
संजय जैन के अनुसार पूर्वोत्तर राज्यों के विधायक और सांसद अपने क्षेत्रों में विकास कार्यो के लिए अनुदान लेने मिनिस्ट्री ऑफ डेवलपमेंट फॉर नार्थ ईस्टर्न रीजन आते हैं। संजय ने मंत्रालय के बाहर अपने सहयोगी रतन को तैनात कर रखा था। वहां आने वाले विधायक को वे लोग कहते थे कि मंत्री जी के अतिरिक्त निजी सचिव से बात कर लो। बात बन जाएगी। जब विधायक या सांसद झांसे में आ जाते थे तो संजय तिवारी अनुदान दिलाने के नाम पर कुछ सेवा शुक्ल के रूप में कुछ रुपये मांगता था। कई लोग उसे रुपये दे भी चुके थे। पर जब उनका काम नहीं हुआ तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी। अब दोनों हवालात में हैं। संजय तिवारी को मयूर विहार फेस-एक गिरफ्तार किया गया। संजय तिवारी को 2005 में भी गैस एजेंसी मैनेजर से पत्रकार के नाम पर जबरन वसूली करते हुए भी पकड़ा जा चुका है।












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