मोदी की धमक दिखने लगी दिल्ली में भी

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भूमि घोटाले में पूरी तरह से राजनीतिक दखल का इस्तेमाल किया गया। राज्यपाल रहते हुए गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं हो सकता है। उनका राज्यपाल के पद पर बने रहने ठीक नहीं है उनको पद छोड़ देना चाहिए। गडकरी ने कहा कि मैने राष्ट्रपति से मांग कि है कि आप उनको राज्यपाल का पद छोड़ने के लिए कहिए। अगर वह नही छोड़ती है तो उनको पद से हटा दीजिए। लोकतंत्र और सविंधान की रक्षा के लिए राज्यपाल को बुलाना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल में गडकरी के साथ बलबीर पुंज, किरीट सोमैया,निर्मला सितारामन, भूपेंद्र यादव, अर्जुन मेघवाल और राजस्थान भाजपा अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी शामिल थे।
सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल को वापस बुलाने को लेकर मोदी ने कार्यकारिणी की बैठक में ही गडकरी से गुजारिश की थी कि वे दिल्ली पहुंचे तो इस बाबत राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे। उधर, गुजरात में मोदी विरोधियों ने एक बार फिर जोर लगाया है। वे जल्द ही दिल्ली पहुंचकर भाजपा आलाकमान को प्रदेश की राजनीति से अवगत कराएंगे। केशूभाई पटेल मोदी विरोधियों का नेतृत्व कर रहे हैं। केशूभाई को मोदी सरकार में गृह राज्यमंत्री रह चुके महागुजरात जनता पार्टी के अध्यक्ष गोरधन झड़फिया के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता, वरिष्ठ नेता काशीराम राणा एवं एके पटेल का भी साथ मिल रहा है। असंतुष्ट नेताओं का दावा है कि मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य व विधायक भी उनसे संपर्क साध रहे हैं।












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