बढ़ा बेदर्दी पारा, ऊपर से पानी की कमी ने मारा

वहीं फरीदाबाद शहर का तापमान मंगलवार को 43 का आंकड़ा पार कर गया। मंगलवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। अपने पड़ोसी शहरों की तुलना में भी औद्योगिक नगरी सबसे अधिक गर्म रही। शहर का अधिकतम तापमान 43.8 व न्यूनतम 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्म हवाओं ने शहर वासियों को पूरे दिन बेहाल रखा। बची कसर बिजली ने पूरी कर दी। मौसम विभाग के अनुसार तेज हवाओं के साथ आंधी की संभावना है, लेकिन बारिश की उम्मीद नहीं है। बुधवार को अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। गुडग़ांव सर्कल के तहत प्रतिदिन औसतन 200 लाख यूनिट बिजली की मांग हो रही है, जबकि आपूर्ति मुश्किल से 150 लाख यूनिट हो रही है। बीते सोमवार को सर्कल के तहत 153 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति हुई। संकट की इस स्थिति में प्रदेश के विद्युत उत्पादन संयंत्रों की भी कई यूनिटों में बिजली उत्पादन ठप रहने की सूचना है।
पानी बर्बाद करने वालों पर कार्रवाई
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को दो दिनों से पानी की सप्लाई नहीं दिए जाने के चलते पुराने शहर स्थित पानी की लगभग सभी टंकियां खाली पड़ी हैं। पानी का स्टॉक नहीं होने के चलते जनस्वास्थ्य विभाग ने जलापूर्ति से हाथ खड़े कर लिए हैं। पेयजल की बर्बादी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस अभियान के तहत मंगलवार को सेक्टर-27 में हुडा अधिकारियों ने 13 लोगों के 6500 रुपए के चालान काटे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोबारा प्लॉट के सामने पानी फैला मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हुडा प्रशासक ने सेक्टरों और डीएलएफ क्षेत्र में पेयजल का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के आदेश सभी एक्सईएन को दिए थे। हुडा प्रशासक के निजी सचिव सर्वेश जून ने बताया कि सेक्टर-27 के प्लॉट संख्या 82, 248, 259, 261, 266, 366, 393, 444, 448, 469, 472, 493, 499 पर 500-500 रुपए का चालान काटा गया। इन प्लॉटों के सामने पेयजल फैला मिला।
बच्चों की छुट्टी का मांग
फरीदाबाद में बढ़ती गर्मी ने सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है। जहां ज्यादातर निजी स्कूल 18 मई को ही बंद हो चुकी है, वहीं सरकारी स्कूलों में 1 जून से छुट्टी होने वाली है। स्कूलों की खस्ता हाल व्यवस्था स्थिति को और भी असहनीय बना देती है। कक्षाओं की कम संख्या और पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होना इसका मुख्य कारण है। इतना ही नहीं बिजली की समस्या से भी रूबरू होना पड़ रहा है। जिन स्कूलों में बिजली की व्यवस्था है, वहां सभी कक्षाओं में पंखे ही नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे शहरी क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति काफी दयनीय है। सुबह से दोपहर तक का समय काटना मुश्किल हो रहा है। विभिन्न शिक्षक संगठनों, अभिभावकों और छात्रों ने एक सप्ताह पूर्व ही छुट्टी करने की मांग की है, जिससे छात्र गर्मी की चपेट में आने से बच सकें। गर्मी को देखते हुए उपस्थिति भी कम हो रही है।
खुद को कवर करके निकल रहे हैं लोग
तेज गर्मी के चलते कामकाजी लोगों को भी खासी परेशानी हो रही है। तीखी धूप से बचने के लिए लोग खुद को कवर करके निकल रहे हैं। विशेषतौर से महिलाएं अपनी त्वचा का ख्याल रखते हुए सनस्क्रीन के साथ-साथ खुद को पूरी तरह से कवर करके ही घर से निकल रही हैं। भीषण गर्मी से बचाने के लिए लोग नींबू पानी, जूस, जलजीरा, मैंगो शेक व अन्य ठंडे पेय पदार्थ व आइसक्रीम से गला तर कर रहे हैं। गर्मी में शरीर को एनर्जी फुल बनाए रखने के लिए लोगों को ठंडे पेय पदार्थ खासे पसंद आ रहे हैं।












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