माया की गिरफ्तारी के सवाल पर अखिलेश ने साधी चुप्पी

विधान भवन में विधान परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद इस बारे में जब उनके सवाल किया गया तो उन्होंने मायावती के बारे में कुछ न कहते हुए बस इतना कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और सारा सच जल्द ही सामने आ जायेगा। वहीं सीबीआई द्वारा एनआरएचएम घोटाले की जांच के दौरान एक नयी राजनीतिक बहस शुरु हो गयी जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कह दिया कि इसके पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
प्रदेश के एक अन्य वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने भी कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर मायावती दोषी है तो जांच में सामने आ जायेगा। हसन ने एनआरएचएम घोटाले के संबंध में यह भी कहा कि उनकी सरकार सी.बी.आई. को सभी दस्तावेज उपलब्ध करवा रही है और केन्द्रीय जांच एजेंसी को पूरा सहयोग किया जायेगा।
मायावती सरकार के कार्यकाल में हुए इस बडे घोटाले में मायावती कैबिनेट के भूतपूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, भूतपूर्व बसपा विधायक आरपी जायसवाल तथा एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप शुक्ल सहित तमाम अधिकारी सीबीआई गिर तार कर चुकी हैं।
स्वास्थ्य मिशन घोटाले की जांच में एकदम से तेजी आ गयी जब सीबीआई ने 11 मई को तत्कालीन प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य व परिवार कल्याण) प्रदीप शुक्ल को गिरफ्तार किया। उन्हें सरकार ने कल ही निलंबित भी कर दिया। इस बीच सीबीआई की नजर मायावती के अन्य भूतपूर्व मंत्री अनंत मिश्र पर है, जो पूछताछ के लिए जांच एजेंसी द्वारा कई बार बुलाये जा चुके हैं। इसके अलावा एक दो वरिष्ठ अधिकारी भी सीबीआई की नजर में हैं।












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