दिनदहाड़े कोर्ट में हत्या करके लिया हत्या का बदला

गोलीबारी के दौरान गोली चलाने वाले युवक को एक पुलिस कर्मचारी ने दबोच लिया। पूरे घटनाक्रम से सारा पुलिस विभाग फिलहाल सकते में हैं। जानकारी के अनुसार गांव जोगीवाला निवासी रिसाल सिंह पुत्र हरि सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते दयाराम पुत्र चतरूराम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। चौपटा थाना पुलिस ने हत्यारोपी रिसाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। 11 माह से यह मामला सेशन कोर्ट में चल रहा है।
आज इसी मामले में रिसाल सिंह की सेशन कोर्ट में पेशी थी। पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रही थी इस बीच सेशन कोर्ट के पास पिल्लर के पीछे छीपे राकेश पुत्र पृथ्वी ने पिस्तोल से रिसाल सिंह को गोली मार दी। गोली लगने के बाद रिसाल सिंह सेशन कोर्ट में भागकर घुस गया और वहां न्यायाधीश सुभाष गोयल की सीट के पास जा गिरा। रिसाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या से सेशन जज भी भयभीत हो गए और सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर कमरे में पहुंचाया। पुलिस कर्मचारियों ने खून से लथपत रिसाल को सिविल अस्पताल में पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खास बात यह है कि गोली चलाने वाला राकेश ने घटना को अंजाम देने के बाद भागने का कोई भी प्रयास नहीं किया। एक पुलिस कर्मचारी ने उसे तुरंत दबोच लिया। उसके पास दो राउंड गोलियां और थी लेकिन उसका उद्देश्य मात्र रिसाल सिंह की हत्या करना था अन्य किसी को वो कोई हानि नहीं पहुंचाना चाहता था।
रिसाल सिंह की हत्याकर राकेश ने बताया कि उसने अपने चाचा दयाराम की हत्याका बदला लिया है। जिस प्रकार रिसाल सिंह ने उसके चाचा दयाराम की सरेआम गांव में गोली मारकर हत्या की थी उसी प्रकार उसने इसका बदला लेते हुए सरेआम कोर्ट में रिसाल सिंह को गोलीमार उसकी हत्या कर दी। रिसाल सिंह की हत्या के आरोपी राकेश को अपनी करनी पर कोई पश्चाताप नहीं है। उसका कहना है कि उसने हत्या का बदला लेकर न्याय किया है। पुलिस ने हत्यारोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
उधर, एसपी देवेन्द्र यादव की कार्यप्रणाली पर भी इस घटनाक्रम ने सवाल खड़े कर दिए हैं। एसपी ने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था हेतु एक एसआई समेत कुल 15 पुलिस कर्मचारी आधुनिक हथियारों से लैस करके तैनात किए हुए हैं। जो भी व्यक्ति कोर्ट में आता है उसकी बकायदा तलाशी होती है यानि एसपी के दावे के अनुसार कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर कोर्ट में नहीं घुस सकता।
अब ऐसे में एक युवक पिस्तोल लेकर अदालत के अंदर घुसता भी है और सरेआम पुलिस वालों के बीच गोली चलाकर हत्याकांड को अंजाम दे देता है। ऐसे में एसपी के खोखले दावे सभी उच्च अधिकारियों व आम जनता के सामने आ गए हैं। सेशन कोर्ट के अंदर खून ही खून फैला हुआ है और एकाएक हुए इस घटना क्रम ने सिरसा जैसे शांत जिले को रोहतक, सोनीपत, झझर, भिवानी व हिसार जिला में शुमार कर दिया है जहां पर इस प्रकार से कोर्ट के अंदर हत्याएं होती रहीं हैं।









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