हरियाणवी महिलाएं हो रही हैं बांझपन की शिकार

जानकारी मुताबिक, हरियाणा व पंजाब में महिलाओं की प्रजनन क्षमता के संबंध में संयुक्त राष्ट्र जन संख्या कोष की ओर से तैयार की गई एक रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पिछले एक दशक दौरान ही महिलाओं की प्रजनन क्षमता में कमी आई है और हरियाणवी महिलाओं में बांझपन 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। रिपोर्ट मुताबिक प्रथम और द्वितीय सर्वे के बीच की अवधि के दौरान 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में बच्चे पैदा करने की कुल क्षमता टी आर एफ 2.9 से गिरकर 2.2 रह गई है।
इस से लगभग 25 प्रतिशत गिरावट 16 वर्ष पहले महिलाओं में 4 बच्चे पैदा करने की क्षमता थी, जो अब तीन बच्चे पैदा करने की स्थिति में आ गई है और यह स्थिति निरंतर बढ़ती जा रही है। चिकित्सक इस संदर्भ में बेटे की चाह में कन्या भ्रूण हत्या को भी इस श्रेणी में रखते है, जिसके चलते आधुनिक ढंग से गर्भ गिराये जाने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता कमजोर हो रही है।












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