रिटायरमेंट के बाद आत्मकथा लिखेंगी प्रतिभा पाटिल

उन्होंने महाराष्ट्र के जलगांव जिले की जलगांव सिटी विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। चालीसगांव में क्षत्रिय महासभा सम्मेलन में पाटिल के भाषण से महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई बी चव्हाण काफी प्रभावित हुए और इसके बाद ही उन्हें विधायक का चुनाव लड़ने के लिए पार्टी की ओर से टिकट दिया गया था।
एदलाबाद सीट से 1985 तक वह लगातार चार दफा विधायक चुनी गयीं। इसके बाद, 1985 से 1990 तक पाटिल ने राज्य सभा सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं दी और 1991 में हुए 10वीं लोकसभा के चुनाव में वह अमरावती से विजयी हुईं। पाटिल के राजनीतिक करियर में खास बात यह रही है कि उन्होंने जो भी चुनाव लड़ा उसमें जीत ही हासिल की। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने सक्रिय रूप से खेलों में भाग लिया।












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