अब जागी सरकार, चाय होगी राष्ट्रीय पेय

असम टी प्लांटर्स एसोसिएशन के प्लैटिनम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इसी दिन असम के पहले टी प्लांटर मणिराम दीवान की 212वीं जयंती भी है। उन्होंने कहा कि मणिराम दीवान न केवल देश के पहले चाय बागान लगाने वाले थे, बल्कि वह राष्ट्रीय आंदोलन में भी शामिल रहे।
चाय को राष्ट्रीय पेय बनाने के बारे में आहलूवालिया ने कहा कि इसकी एक और महत्वपूर्ण वजह यह है कि चाय उद्योग के श्रमबल में आधी महिलाएं हैं। यह संगठित क्षेत्र में सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि वह जल्द इस मुद्दे पर वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा से बात करेंगे। उन्होंने चाय उत्पादकों से इसकी और किस्में विकसित करने को कहा। उन्होंने बताया कि बाजार में आज करीब 20 किस्म की कॉफी उपलब्ध हैं, जबकि चाय की फिलहाल दो किस्में ही उगाई जा रही हैं।
अब जरूरत जल्द ही नई किस्में विकसित की जाने की है। अहलूवालिया ने इन किस्मों को ब्रांड के तौर पर विकसित करने और इन्हें निजी क्षेत्र द्वारा प्रचारित करने का आग्रह भी किया। उन्होंने बताया जल्द ही गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का चाय बार खोला जाएगा। यह अपनी तरह का पहला ऐसा चाय बार होगा। यहां लोगों को गरमागरम चाय के अलावा उच्च कोटि की दूसरी चाय की किस्मों का भी जायका मिलेगा।












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